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Bima Sugam: क्या है बीमा सुगम? IRDAI ने बनाया नियम, ऑनलाइन एक ही जगह मिलेंगी सभी इंश्योरेंस पॉलिसियां

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Feb 15, 2024, 12:21 PM IST

Bima Sugam Latest News (बीमा सुगम): भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने एक ही स्थान पर ऑनलाइन सभी इंश्योरेंस पॉलिसियों को मुहैया कराने के लिए बीमा सुगम लाया है। इससे 2047 तक सभी के लिए इंश्योरेंस सुलभ बनाने में मदद मिलेगी।

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Bima Sugam से लोगों को कैसे मिलेगा फायदा?

Photo : BCCL

Bima Sugam(बीमा सुगम): भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने इलेक्ट्रॉनिक इंश्योरेंस मार्केटप्लेस, बीमा सुगम या डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ड्राफ्ट रेगुलेशन जारी किए हैं। IRDAI ने एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तौर पर बीमा सुगम-बीमा इलेक्ट्रॉनिक मार्केटप्लेस बनाने का प्रस्ताव दिया है जो पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा करेगा और सशक्त करेगा। इससे भारत में इंश्योरेंस को बढ़ावा मिलेगा। लोगों तक उपलब्धता, सामर्थ्य और पहुंच को बढ़ाएगा।

बीमा सुगम (Bima Sugam) क्या है?

IRDAI की प्रेस रिलीज के मुताबिक बीमा सुगम संपूर्ण बीमा मूल्य में पारदर्शिता, दक्षता, सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सभी बीमा हितधारकों के वीजा-ग्राहकों, बीमाकर्ताओं, मध्यस्थों या बीमा मध्यस्थों और बीमा एजेंटों को एक स्थान पर समाधान मिलेगा। इससे बीमा क्षेत्र में तकनीकी इनोवेशन, बीमा को यूनिवर्सिल बनाना और लोकतांत्रिक बनाना और 2047 तक सभी के लिए इंश्योरेंस लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

इकोनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ तरुण चुघ ने कहा कि बीमा सुगम के लिए ड्राफ्ट नियम इस परिवर्तनकारी पहल को सफल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। नियम बीमा को सभी के लिए आसान और किफायती बनाने पर केंद्रित हैं। यह पॉलिसी जारी करने से लेकर दावा निपटान तक संपूर्ण बीमा मूल्य सीरीज को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक कदम है। जिससे हर स्तर पर पारदर्शिता और सहयोग को बढ़ावा मिलता है। ये पहल इंश्योरेंस को बढ़ाने और हमें 2047 तक सभी के लिए इंश्योरेंस के लक्ष्य प्राप्त करने में सक्षम बनाने में एक बड़ी भूमिका निभाएगी। दिशानिर्देश इंश्योरेंस इंडस्ट्री को ग्राहकों के लाभ के लिए सहायक इको-सिस्टम बनाने में भी सक्षम बनाएंगे। यह भारतीयों के लिए एक उत्साहजनक और स्वागत योग्य कदम है क्योंकि वे अपने लॉन्ग टर्म जीवन लक्ष्यों के लिए डिजाइन किए गए जीवन बीमा प्रोडक्ट तक बेहतर पहुंच प्राप्त कर सकते हैं।

बीमा सुगम (Bima Sugam) के तहत इंश्योरेंस कंपनियां कैसे करेगा काम?

  • कंपनी एक्ट 2013 की सेक्शन 8 के मुताबिक गैर-लाभकारी कंपनी का गठन किया जाएगा।
  • कंपनी बीमा हितधारकों को विभिन्न सेवाएं प्रदान करने के लिए मार्केटप्लेस की स्थापना, सुविधा, विकास, संचालन और रखरखाव करेगी।
  • कंपनी की शेयरधारिता व्यापक रूप से जीवन, सामान्य और स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं के बीच है और किसी एक यूनिट के पास नियंत्रण हिस्सेदारी नहीं है। जरुरत पड़ने पर शेयरधारक पूंजी में योगदान देंगे।
  • IRDAI कंपनी के बोर्ड में दो सदस्यों को नामांकित करेगा।
  • बोर्ड विभिन्न जोखिमों को कम करने के लिए एक जोखिम प्रबंधन समिति (Risk Management Committee) का गठन करेगा।
  • कंपनी के चेयरमैन और सीईओ की नियुक्ति के लिए ऑथरिटी की पूर्व मंजूरी जरूरी है।
  • सेवाओं के लिए सहमति आधारित संरचना बनेगी।
  • बीमा सुगम की सेवाओं का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं से शुल्क नहीं लिया जाएगा।

पिछले साल अप्रैल में रेगुलेटर IRDAI ने अनुरोध किया था कि इंश्योरेंस अपने स्टाफ सदस्यों के लिए सोशल मीडिया नीतियां निर्धारित करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कंपनी के बारे में कोई गुप्त या अप्रमाणित जानकारी ऑनलाइन शेयर नहीं की जाती है। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने संगठन की प्रतिष्ठा और कर्मचारी आचरण के बीच मजबूत संबंध पर जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग इस तरह से किया जाना चाहिए जो संगठन का बिजनेस वैल्यू बढ़े।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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