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Vodafone Idea का मुनाफा रिकॉर्ड हाई पर, फिर भी लुढ़का शेयर, नतीजों में छिपी वजह

Vodafone Idea ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा रिपोर्ट किया है। हालांकि, इसके बाद भी शेयर में गिरावट है। इसके पीछे हालांकि कोई एक वजह नही है। लेकिन, बड़ी वजह नतीजों में ही छिपी है।

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Vodafone Idea शेयर प्राइस में गिरावट

Why Vodafone Idea Share Price Falling वोडाफोन आइडिया शेयर प्राइस क्यों गिर रहा है। देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY 26) की चौथी तिमाही (Q4) में शानदार नतीजे दिए हैं। कंपनी ने ₹51,970 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट रिपार्ट किया है।

सोमवार 18 मई को बाजार खुलते ही वोडाफोन आइडिया शेयर प्राइस में गिरावट देखने को मिली है।हालांकि, ज्यादातर रिटेल इन्वेस्टर्स को लग रहा था कि इतने दमदार प्रॉफिट के बाद शेयर रॉकेट बन जाएगा। खासतौर पर कई बड़े ब्रोकरेज हाउस ने भी मजबूत VI Share Price Target दिए हैंं।इसके बाद भी सोमवार को शेयर में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।इंट्रा डे कारोबार में वोडाफोन आइडिया का शेयर 12.47 रुपये तक लुढ़क गया।

कैसे रहे कंपनी नतीजे?

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक Vodafone Idea ने ₹51,970 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है। 6 साल में यह पहली बार है, जब किसी तिमाही में कंपनी ने लॉस की जगह ने प्रॉफिट रिपोर्ट किया है। इसके साथ ही कंपनी ने 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा के फंड जुटाने का भी ऐलान किया है। खासतौर पर केंद्र सरकार के टेलीकॉम डिपार्टमेंट की तरफ से AGR पर मिली राहत को एक्स्पर्ट कंपनी के लिए टर्नअराउंड पॉइंट मान रहे हैं। हालांकि, इसके बाद भी शेयर प्राइस में गिरावट चिंता खड़ी कर रही है।

क्यों आई शेयर प्राइस में गिरावट?

शेयर में गिरावट की असल में दो बड़ी वजह हैं। पहली वजह शेयर ने 15 मई को 13.33 रुपये का 52वीक हाई यानी एक साल का शीर्ष स्तर छुआ है। लिहाजा शेयर प्राइस में गिरावट के पीछे एक बड़ी वजह टॉप से मुनाफावसूली है। इसके अलावा ओवरऑल मार्केट सेंटिमेंट भी शेयर प्राइस को नीचे धकेल रहा है। वहीं, तीसरी बड़ी वजह कंपनी के नतीजों मे छिपी है।

क्यों दमदार दिख रहे नतीज?

सतही तौर पर वोडाफोन आइडिया के नतीजे दमदार दिखते हैं। क्योंकि, कंपनी ने रिकॉर्ड ₹51,970 करोड़ का प्रॉफिट रिपोर्ट किया है। लेकिन, जब नतीजों को गौर से देखते हैं, तो कंपनी को ऑपरेशनल गतिविधियों से प्रॉफिट नहीं हुआ है। बल्कि, यह प्रॉफिट AGR में मिली राहत की वजह से वन टाइम गेन है। यानी कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू और प्राॅफिट के आंकड़े अब भी कमजोर हैं।

क्या है चिंता की असली बात?

निवेशकों के लिए चिंता की सबसे बड़ी बात यही है कि कंपनी असल में अब भी ऑपरेशनल लेवल पर कंपनी घाटे में है। हालांकि, राहत की बात यह है कि सालाना आधार पर घाटे में कमी आई है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹7,167 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया था। इस साल ₹51,970 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है। लेकिन, इसके साथ ही ₹5,515 करोड़ का ऑपरेशनल लॉस रिपोर्ट किया है। वहीं, पूरे साल में कुल मिलाकार कंपनी को ₹24,059 करोड़ का लॉस हुआ है।

AGR पर मिली बड़ी राहत

केंद्र सरकार के टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने वोडाफोन आइडिया पर कुल बकाया AGR को करीब 27% घटाकर ₹64,046 करोड़ रुपये तक घटा दिया है। इसके अलावा बकाया रकम के लिए आसान भुगतान योजना पेश की है, जिसमें 5 साल का मोरेटोरियम भी दिया गया है।

ऑपरेशन लेवल पर क्या सुधरा?

कंपनी के कुल सब्सक्राइबर्स की संख्या में स्थिरता दिखने को मिली है, जो Q4 में 19.28 करोड़ रहे हैं। वहीं, प्रत्येक ग्राहक से मिलने वाला औसत रेवेन्यू यानी (ARPU) बढ़कर ₹190 हो यगा है। हालांकि, यह जियो और एयरटेल से काफी कम है। हालांकि, ग्रोथ के लिहाज से कंपनी के APRU में 8.3% की तेजी रही है, जो इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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