बजट 2022 के बाद ये चीजें खरीदना होगा आसान, छाता समेत इन चीजों पर पड़ेगी महंगाई की मार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 1, 2022, 04:15 PM IST

Union budget 2022 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में पेश कर चुकी हैं। यहां इस वीड‍ियो में समझें क‍ि इस बजट के बाद क्या सामान लेना सस्‍ता होगा और क‍िन चीजों का आर्थ‍िक बोझ बढ़ेगा।

Union budget 2022 sasta mehanga: यून‍ियन बजट 2022 संसद में पेश हो चुका है ज‍िसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आने वाले साल की सरकारी योजनाओं और व‍िजन की रूपरेखा रखी है। बजट के बाद सभी की नजर ये जानने को भी रहती है क‍ि इसके बाद उनकी जेब कहां ज्‍यादा ढीली होगी और क्‍या पहुंच में। यानी क्‍या सस्‍ता होगा और क्‍या महंगा। 

बजट 2022 के बाद लेदर यानी चमड़ा सस्‍ता हो जाएगा। वहीं कपड़ों के भी दाम कुछ कम होंगे। इसके अलावा फोन के चार्जर के ल‍िए आपको कम कीमत देनी पड़ेगी। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक आइटम लेना भी आम आदमी के ल‍िए थोड़ा आसान हो जाएगा। पैकेजिंग के डिब्बे और खेती का सामान भी सस्‍ता होगा। चुनिंदा मेनॉल और एसेटिक एसिड सस्ता हुआ हुआ है। कट एंड पॉलिश्ड ज्वैलरी पर कस्टम ड्यूटी को घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। एमएसएमई को मदद मुहैया कराने के लिए बजट में स्टील स्क्रैप पर कस्टम ड्यूटी छूट को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है।

बजट में कुछ अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण रसायन, नामत: मेथेनॉल, एसीटिक एसिड और पेट्रोलियम रिफाइनिंग के लिए हैवी फीड स्‍टॉक पर सीमाशुल्‍क कम किया गया है। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में बताया क‍ि बजट में छातों पर शुल्‍क बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जा रहा है। छातों के कलपुर्जों पर छूट वापस ली जा रही है। कृषि क्षेत्र के लिए भी उन औजारों और साधनों पर छूट को युक्तिसंगत बनाया जा रहा है जो भारत में निर्मित की जाती है। पिछले वर्ष इस्‍पात स्‍क्रैप को दी गई सीमा शुल्‍क छूट और एक वर्ष के लिए दी जा रही‍ है ताकि एमएसएमई के द्वितीयक इस्‍पात उत्‍पादों, मिश्रित इस्‍पात की छड और हाई-स्‍पीड स्‍टील पर कतिपय डम्पिंग रोधी और सीवीडी को धातुओं की मौजूदा उच्‍च कीमत को देखते हुए व्‍यापक लोक हित में समाप्‍त किया जा रहा है।

बजट में निर्यातों को प्रोत्‍साहन देने के लिए वस्‍तुओं जैसे कि सजावटी सामान, ट्रिमिंग, फास्‍नर्स, बटन, जिपर, लाइनिंग सामग्री, विनिर्दिष्‍ट चमड़ा, फर्नीचर फिटिंग्‍स और पैकेजिंग बॉक्‍स, जिनकी हस्‍तशिल्‍प, कपड़े और धर्म परिधानों, लेदर फुटवियर और अन्‍य वस्‍तुओं के वास्‍तविक निर्यातकों को जरूरत पड़ सकती है, पर छूट दी जा रही है।

ऐसे में छाते, अनब्लेंडेड फ्यूल, स्टील उत्पाद, स्टील कोटिंग वाले उत्पाद, एलॉय की छड़ें और हाई स्पीड स्टील महंगे होंगे। 

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