Uber ties up with GeM portal: ऐप आधारित कैब सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनी उबर ने सरकारी खरीद पोर्टल गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के साथ भागीदारी की है। इसके तहत अब जल्द ही मंत्रालयों, सरकारी विभागों, एजेंसियों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के कर्मचारी आधिकारिक उद्देश्य के लिए उबर से टैक्सी बुक कर सकेंगे।
टेस्टिंग हुई शुरू
एक अधिकारी ने बताया, “यह एक तरह से कॉरपोरेट सेवा की तरह होगी। अभी हमने यह सेवा परीक्षण के तौर पर शुरू की है और धीरे-धीरे इसे सभी मंत्रालयों, सरकारी विभागों, एजेंसियों और पीएसयू कर्मियों के लिए उपलब्ध होगी। हम इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।”
बुकिंग रद्द पर नहीं देना होगा एक्स्ट्रा चार्ज
कंपनी निश्चित दर पर सेवा देगी और बुकिंग रद्द करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के कर्मियों को माल एवं सेवा की खरीद सुविधा देने के लिए वाणिज्य मंत्रालय ने 2016 में जीईएम पोर्टल शुरू किया था।
सरकारी विभागों में टैक्सी की मांग बढ़ रही है और सभी विभाग इस मद पर भारी व्यय करते हैं लेकिन अब इस सेवा का उपयोग कर वे काफी बचत कर सकेंगे। पोर्टल पर सबसे ज्यादा मांग के मामले में कैब और टैक्सी सेवा दूसरी सबसे बड़ी श्रेणी है।
Ola-Uber-Rapido पर हाल ही हाई कोर्ट से राहत मिली
हाल ही में दिल्ली हाइकोर्ट ने दिल्ली सरकार द्वारा रैपिडो (Rapido), ओला (Ola), उबर (Uber) की बाइक टैक्सी पर लगाई गई रोक पर हाइकोर्ट ने स्टे दे दिया है। कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि इन कंपनियों की सर्विस पर इस तरह की रोक लगाना ठीक नहीं है। बता दें कि इसी साल फरवरी में दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने एप आधारित बाइक टैक्सी सर्विस जैसे ओला-उबर और रैपिडो पर अचानक रोक लगा दी थी। इन कंपनियों ने केजरीवाल सरकार के फैसले के खिलाफ कंपनियों ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। आज दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगाते हुए तीनों कंपनियों को राहत दी है।देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
