Ram Mandir Donation Theft Case: उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों (UP Assembly Elections 2027) को लेकर सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। यूपी की राजनीति में लंबे समय से राम मंदिर का मुद्दा केंद्र में रहा है, लेकिन इस बार 'राम मंदिर चंदा चोरी' का कथित मामला सुर्खियों में है। इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही हैं। इसी बीच, अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चंदे की रकम में हेराफेरी के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट स्वतंत्र जांच वाली याचिकाओं की सुनवाई के लिए तैयार हो गया है, जिसने राज्य की सियासत में नया उबाल ला दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम और आगामी चुनावों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "जब राम मंदिर का आंदोलन चल रहा था और जब मंदिर (ram mandir donation row) बन रहा था, तब भी हमने यही कहा था कि इस विषय को लोगों की आस्था से जोड़कर ही देखा जाए। इसे राजनीति के अखाड़े में नहीं लाना चाहिए था, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई।" खुर्शीद ने साफ किया कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की आस्था का सम्मान होनाचाहिए, लेकिन इसे चुनावी मुद्दा न बनाया जाए तो ही बेहतर है, अब जनता ही अपना फैसला खुद करेगी।
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अदालत के दखल को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का सामने आना बेहद सकारात्मक कदम है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "न्यायालय तो इस पूरी अव्यवस्था को साफ कर देगा, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आस्था के इतने बड़े और पवित्र केंद्र में आखिरकार ऐसी गड़बड़ी होने ही क्यों दी गई?" इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ करेगी।
दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती जांच में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद हैरान करने वाली लापरवाही सामने आई है। एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के नोट गिनने वाले कक्ष (मनी काउंटिंग रूम) में तैनात कर्मचारियों की आने-जाने के समय कोई ठीक से तलाशी नहीं ली जाती थी।
27 अप्रैल से 5 जून के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर करीब 70 ऐसी संदिग्ध घटनाएं सामने आई हैं, जहां कर्मचारी नोटों के बंडलों को अपने कपड़ों, जेबों और यहाँ तक कि जूतों के अंदर छिपाकर बाहर ले जाते हुए दिखे हैं। जांच अधिकारी आशुतोष तिवारी ने इस योजनाबद्ध तरीके से की जा रही चोरी के सबूत और बरामद सामान को अयोध्या की भ्रष्टाचार निवारण अदालत में पेश कर दिया है। चुनावों के ठीक पहले आए इस मोड़ ने यूपी के सियासी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।
