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SCSS या मंथली इनकम स्कीम? जानिए आपकी पेंशन और मासिक आय के लिए कौन सा प्लान है बेस्ट

रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित और नियमित आय के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) बेहतरीन विकल्प हैं। जानिए आपकी उम्र, निवेश सीमा, ब्याज दर और टैक्स बचत के आधार पर कौन सा प्लान बेस्ट है।

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SCSS या मंथली इनकम स्कीम?

रिमायरमेंट के बाद नियमित मासिक आय (Monthly Income) की व्यवस्था करना हर वरिष्ठ नागरिक की पहली प्राथमिकता होती है। पोस्ट ऑफिस और सरकार द्वारा समर्थित दो सबसे लोकप्रिय योजनाएं सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और मंथली इनकम स्कीम (MIS) निवेशकों को सुरक्षित रिटर्न और नियमित आय का विकल्प प्रदान करती हैं। हालांकि, दोनों योजनाओं की ब्याज दर, भुगतान अवधि, पात्रता और टैक्स नियमों में काफी अंतर है। अपने रिटायरमेंट कॉर्पस के लिए सही विकल्प चुनने से पहले दोनों योजनाओं की तुलना और विशेषताओं को समझना जरूरी है।

SCSS Vs POMIS

सबसे पहले ब्याज दर और आय के भुगतान की बात करें तो SCSS में 8.2% प्रति वर्ष की दर से ब्याज मिलता है, लेकिन इसका भुगतान मासिक के बजाय तिमाही (हर तीन महीने में) आधार पर किया जाता है। वहीं दूसरी ओर, पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) में 7.4% प्रति वर्ष का ब्याज मिलता है और इसमें हर महीने निश्चित आय सीधे आपके बैंक खाते में जमा होती है। अगर आपको हर महीने घरेलू खर्चों के लिए निश्चित पेंशन जैसी रकम की जरूरत है तो MIS एक आसान विकल्प बनता है, लेकिन अगर आप ज्यादा ब्याज रिटर्न चाहते हैं तो SCSS आगे रहता है।

निवेश सीमा और पात्रता के मामले में भी दोनों में बड़ा अंतर है। SCSS मुख्य रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए है (विशेष परिस्थितियों में VRS लेने वालों के लिए 55 वर्ष)। इसमें एक व्यक्ति अधिकतम ₹30 लाख तक का निवेश कर सकता है। दूसरी तरफ, MIS में किसी भी उम्र का व्यक्ति खाता खुलवा सकता है। MIS में एकल (Single) खाते के लिए अधिकतम निवेश सीमा ₹9 लाख और संयुक्त (Joint) खाते के लिए ₹15 लाख निर्धारित है। दोनों ही योजनाओं की परिपक्वता (Maturity) अवधि 5 वर्ष की होती है।

टैक्स बेनिफिट किसमें कितना है?

टैक्स के दृष्टिकोण से, SCSS में किया गया निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट पाने का हकदार होता है (पुरानी टैक्स व्यवस्था में)। इसके विपरीत, पोस्ट ऑफिस MIS में किए गए निवेश पर धारा 80C का कोई टैक्स लाभ नहीं मिलता। दोनों ही योजनाओं से मिलने वाला ब्याज आपकी वार्षिक आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार कर योग्य होता है।

संक्षेप में, अगर आपकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है, आपका बजट बड़ा है और आप ज्यादा ब्याज दर के साथ टैक्स बचाना चाहते हैं, तो SCSS आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। लेकिन अगर आप 60 वर्ष से कम उम्र के हैं या आपको हर महीने अनिवार्य रूप से पेंशन जैसी मासिक आय चाहिए, तो पोस्ट ऑफिस MIS चुनना अधिक व्यावहारिक होगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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