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2030-31 तक कपड़ा बाजार 33 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य: केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री सिंह ने बताया कि कपड़ा क्षेत्र में औपचारिक रूप से कार्यरत लोगों की संख्या वर्ष 2014 के 2.8 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 5.3 करोड़ हो गई है। सिंह ने कहा, "हमने कपड़ा बाजार का आकार 8.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 16 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।

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बुनकरों को प्रशिक्षित करने के लिए सरकार लगातार नए प्रयास कर रही है।(फोटो क्रेडिट-iStock)

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2030-31 तक देश के कपड़ा उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत घरेलू बाजार और निर्यात को मिलाकर कपड़ा बाजार का आकार बढ़ाकर 33 लाख करोड़ रुपये करने की योजना है। वर्तमान में भारतीय कपड़ा क्षेत्र का कुल आकार करीब 16 लाख करोड़ रुपये है। मंत्री के अनुसार, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, निर्यात को प्रोत्साहन देने और वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी मजबूत करने के प्रयासों के जरिए इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।

मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान कपड़ा मंत्रालय की उपलब्धियों और पहल की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि हथकरघा बुनकरों को प्रशिक्षण, कच्चा माल, डिजाइन, प्रौद्योगिकी और बाजार उपलब्ध कराकर उनकी वार्षिक आय बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हमारा उद्देश्य बुनकरों को कुशल बनाना

केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा, "हथकरघा क्षेत्र में हमारे पास 29 ’बुनाई सेवा केंद्र’ हैं। पूर्वोत्तर के गुवाहाटी से शुरू होकर यह मॉडल छह राज्यों में स्थापित किया जा चुका है। यहां हमारा उद्देश्य बुनकरों को कुशल बनाना और उनके कौशल को निखारना है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें आवश्यक कच्चा माल, डिजाइन और तकनीक के साथ-साथ कपड़ों के लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जाता है। इसके माध्यम से हमारा लक्ष्य हर बुनकर की आय बढ़ाकर पांच लाख रुपये सालाना करना है।"

उन्होंने बताया कि कपड़ा क्षेत्र में औपचारिक रूप से कार्यरत लोगों की संख्या वर्ष 2014 के 2.8 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 5.3 करोड़ हो गई है। सिंह ने कहा, "हमने कपड़ा बाजार का आकार 8.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 16 लाख करोड़ रुपये कर दिया है और वित्त वर्ष 2030-31 तक हमारा लक्ष्य इसे घरेलू और निर्यात दोनों मिलाकर 33 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का है।"

(इनपुट- भाषा)

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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