Tata Chemicals shares Upper Circuit : टाटा ग्रुप के कुछ शेयरों में मंगलवार 15 सितंबर को जोरदार तेजी देखने को मिली है। खासतौर पर टाटा केमिकल के शेयर ने 20% उछाल के साथ अपर सर्किट हिट किया है। इसी तरह टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन के शेयर में 13% और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल का शेयर 4.5% तक भागा है। असल में इन दोनों शेयरों में तेजी के पीछे RBI का एक्शन है।
RBI ने क्या किया?
RBI ने पिछले दिनों Tata Sons की तरफ से अपने NBFC रजिस्ट्रेशन को सरेंडर करने का आवेदन दिया। लेकिन, रिजर्व बैंक ने यह आवेदन खारिज कर दिया है। इसकी वजह से अब टाटा सन्स पर फिर से अपर लेयर NBFC के तौर पर मार्केट में लिस्टिंग का दबाव बढ़ गया है। अगर यह कंपनी बाजार में लिस्ट होती है, तो इसके मौजूदा शेयर होल्डर्स को वैल्यू अनलॉकिंग का मौका मिलेगा। खासतौर पर टाटा केमिकल, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील जैसी कंपनियों को इसके वैल्युएशन अनलॉक होने का फायदा मिल सकता है, क्योंकि ये कंपनियां भी टाटा सन्स की शेयर होल्डर हैं।
क्यों लिस्टिंग से बचना चाह रही टाटा सन्स?
टाटा ग्रुप को असल में 4 प्रमुख ट्रस्ट मिलकर चलाते हैं। ये ट्रस्ट टाटा सन्स के जरिये पूरे टाटा ग्रुप को कंट्रोल करते हैं। मोटे तौर पर टाटा सन्स टाटा ट्रस्ट का वह टूल है, जिसके जरिये पूरा साम्राज्य संभाला जा रहा है। अपर लेयर NBFC नियमों के तहत अगर यह कंपनी लिस्ट होती है, तो टाटा ग्रुप की पकड़ टाटा सन्स पर ढीली हो सकती है और इसके जरिये पूरे समूह पर नियंत्रण में चुनौतियां आ सकती हैं। तमाम रेगुलेटरी कंप्लायंस के चलते टाटा सन्स को टाटा ग्रुप प्राइवेट ही बनाए रखना चाहता है।
टाटा की कंपनियों को क्या फायदा?
अगर टाटा सन्स को लिस्टिंग के लिए आईपीओ लाना पड़ता है, तो टाटा ग्रुप की उन कंपनियों को इसका फायदा होगा, जो टाटा सन्स में हिस्सेदारी रखती हैं। क्योंकि, इससे उनके पास दशकों से रखे टाटा सन्स के शेयरों की कीमत में बढ़ोतरी होगी। भले ही ये कंपनियां इन शेयरों को आईपीओ में ऑफर फॉर सेल के जरिये बेचें या नहीं बेचें, लेकिन IPO में टाटा सन्स का जो वैल्यूएशन आएगा, उसके हिसाब से इनके शेयरों की वैल्यूएशन अनलॉकिंग होगी। एक अनुमान के मुताबिक टाटा सन्स के आईपीओ से इन कंपनियों के पास जो शेयर होल्डिंग है, उसकी कीमत इन कंपनियों के मौजूदा मार्केट कैप से भी ज्यादा हो सकती है। यही वजह है कि इन कंपनियों में निवेशक अवसर देख रहे हैं।
