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सुकन्या समृद्धि योजना vs Mutual Fund SIP: बेटी के लिए कौन बेहतर?

अगर आप भी अपनी बेटी के बेहतर भविष्य के लिए निवेश करने की प्लानिंग करनी कर रहे हैं और आपके सामने SSY और म्यूचुअल फंड SIP जैसे 2 ऑप्शन हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है।

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सुकन्या समृद्धि योजना vs Mutual Fund SIP: बेटी के लिए कौन बेहतर?

हर माता-पिता अपनी लाडली बेटी के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए उसके जन्म के साथ ही वित्तीय योजना बनाना शुरू कर देते हैं। जब बात बेटी की उच्च शिक्षा और शादी के लिए एक बड़ा फंड तैयार करने की आती है, तो आज के समय में दो सबसे लोकप्रिय और चर्चित विकल्प सामने आते हैं पहला सरकारी गारंटी वाली सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और दूसरा मार्केट-लिंक्ड म्यूचुअल फंड एसआईपी (Mutual Fund SIP)। इन दोनों ही निवेश माध्यमों की अपनी-अपनी अनूठी विशेषताएं, फायदे और सीमाएं हैं, जिसके कारण अभिभावकों के मन में अक्सर यह बड़ा असमंजस रहता है कि उनकी बेटी के लिए आखिरकार कौन सा विकल्प सबसे बेहतर और फायदेमंद साबित होगा।

इन दोनों में से किसी एक का चुनाव करने से पहले आपको अपने रिस्क टोलरेंस (जोखिम लेने की क्षमता), लिक्विडिटी की जरूरत और रिटर्न की उम्मीदों का बहुत ही बारीकी से मूल्यांकन करना चाहिए, क्योंकि एक तरफ जहां सुकन्या योजना आपको 100% सुरक्षा का भरोसा देती है, वहीं दूसरी तरफ म्यूचुअल फंड एसआईपी में आपके पैसे को महंगाई से कहीं अधिक तेजी से बढ़ाने की जबरदस्त क्षमता होती है।

सुकन्या समृद्धि योजन के फायदे

सुकन्या समृद्धि योजना की बात करें तो यह केंद्र सरकार द्वारा विशेष रूप से बेटियों के लिए शुरू की गई एक बेहद सुरक्षित और टैक्स-फ्री स्मॉल सेविंग्स स्कीम है, जो 10 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के लिए खोली जा सकती है। वर्तमान में इस योजना पर सरकार 8.2% की बेहद आकर्षक और निश्चित वार्षिक ब्याज दर दे रही है, जो पीपीएफ या बैंक एफडी की तुलना में काफी बेहतर है। इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण इसका 'EEE' (Exempt-Exempt-Exempt) टैक्स स्टेटस है, जिसका मतलब है कि इसमें सालाना ₹1.5 लाख तक के निवेश पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है, मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम भी टैक्स के दायरे से बाहर होती है।

हालांकि, इसकी कुछ सख्त सीमाएं भी हैं, जैसे कि इसमें 21 साल का एक लंबा लॉक-इन पीरियड होता है और बेटी के 18 वर्ष की होने से पहले आप उच्च शिक्षा के लिए भी केवल 50% राशि ही निकाल सकते हैं। यह योजना उन रूढ़िवादी या सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले अभिभावकों के लिए सर्वोत्तम है जो बिना किसी बाजार जोखिम के एक निश्चित और गारंटीड कॉर्पस (जमा पूंजी) तैयार करना चाहते हैं।

म्यूचुअल फंड SIP

इसके विपरीत, म्यूचुअल फंड में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश करना पूरी तरह से बाजार के उतार-चढ़ाव से जुड़ा होता है, लेकिन दीर्घकालिक निवेश में यह वेल्थ क्रिएशन का एक बेहद शक्तिशाली टूल माना जाता है। ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, यदि आप 15 से 20 वर्षों की लंबी अवधि के लिए किसी अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड में एसआईपी जारी रखते हैं, तो आपको सालाना 12% से 15% या उससे भी अधिक का शानदार औसतन रिटर्न मिल सकता है, जो सुकन्या योजना के मुकाबले लगभग दोगुना फंड तैयार करने की क्षमता रखता है।

एसआईपी की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेजोड़ फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलापन) है; इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं होती, आप जब चाहें अपनी मंथली किस्त बढ़ा या घटा सकते हैं, और किसी भी आपातकालीन स्थिति में पैसों की जरूरत होने पर इसे बीच में ही बिना किसी कड़े नियम के भुना (Withdraw) सकते हैं। हालांकि, इसमें मैच्योरिटी पर मिलने वाले मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स लागू होता है और बाजार के जोखिम के कारण रिटर्न की कोई सरकारी गारंटी नहीं होती है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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