IAS Ojasvi Raj Motivational Inspirational Story: संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल सेवा पास कर आईएएस बनने वाले युवाओं की कहानियां प्रेरणा देने का काम करती हैं। इंजीनियरिंग के बाद लॉ और फिर यूपीएससी क्रैक करने वाले आईएएस ओजस्वी राज की कहानी भी काफी प्रेरक है। हाल ही में योगी सरकार ने कई आईएएस अधिकारियों के तबादले किए जिसमें ओजस्वी राज को मथुरा-वृंदावन नगर निगम का नया नगर आयुक्त बनाया है। ओजस्वी राज वर्ष 2020 बैच के आईएएस हैं। वह मूलत: मेरठ के रहने वाले हैं। उन्होंने बीटेक किया है।
इंजीनियरिंग के बाद लॉ किया
ओजस्वी राज के पिता सिंचाई विभाग में इंजीनियर और माता अधिवक्ता हैं। उनकी प्राथमिक शिक्षा मेरठ से हुई और इंटरमीडिएट की पढ़ाई रुड़की से हुई है। इसके बाद उन्होंने कानपुर के एचबीटीआई (HBTU) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया। और इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की। लॉ के फाइनल ईयर में उनका राज्यसभा सचिवालय में चयन हो गया।
राज्यसभा सचिवालय की नौकरी
जानकारी के अनुसार, यूपीएससी में सफलता से पहले उन्होंने भारतीय संसद की परीक्षा में नौवीं रैंक हासिल की और राज्यसभा सचिवालय में अधिशासी अधिकारी (Executive Officer) के पद पर भी काम किया था। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी पर निशाना साधा और 227वीं रैंक हासिल की। ओजस्वी राज की गिनती तेज तर्रार अधिकारियों में होती है। बलिया में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के तौर पर, उन्होंने पारंपरिक 'सत्तू' की आधुनिक ब्रांडिंग और पैकेजिंग को बढ़ावा दिया।
बचपन का सपना हुआ पूरा
ओजस्वी राज ने एक इंटरव्यू में बताया कि बचपन से उनका सपना था किसी नेशनल लेवल के एग्जाम में सफलता हासिल करना। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में आईआईटी, आईआईएम सहित टॉप संस्थानों के छात्र शामिल होते हैं तो मुझे लगा कि इसमें अपना टेस्क करते हैं कि मैं कहां स्टैंड करता हूं। उन्होंने बताया कि राज्यसभा सचिवालय में कार्य करते हुए उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली को समझा और यहां से सिविल सेवा में जाने का मोटिवेशन मिला।
