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'ED से नहीं डरे...' TMC छोड़ने के बाद मदन मित्रा का दावा, सुवेंदु अधिकारी की जमकर तारीफ

TMC छोड़ने के बाद मदन मित्रा ने एजेंसी के डर वाले दावों को नकारा कहा-'ED ने हमें नहीं डराया', साथ ही सीएम सुवेंदु अधिकारी के 'जोश' की भी तारीफ की।

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मदन मित्रा और सुवेंदु अधिकारी (फाइल फोटो)

पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता मदन मित्रा ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि पार्टी के बागी गुट में शामिल होने का उनका फैसला केंद्रीय एजेंसियों के डर से प्रेरित था। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके राजनीतिक बदलाव में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कोई भूमिका नहीं थी।

पार्टी छोड़ने के बाद ANI से बात करते हुए, मित्रा ने स्पष्ट किया कि उन्हें केंद्रीय जांचकर्ताओं से कोई धमकी नहीं मिली। उन्होंने कहा, 'ED ने हमें नहीं डराया। उन्होंने हमें न तो बुलाया और न ही धमकाया... राजनीति को ED के साथ क्यों जोड़ा जाए? मेरा फैसला पूरी तरह से राजनीतिक हालात पर आधारित था।'

मित्रा ने कालीघाट में TMC नेतृत्व के मौजूदा कामकाज से निराशा जताई और कहा कि राज्य में BJP का मुकाबला करने के लिए पार्टी की मौजूदा रणनीति नाकाफी है।

सुवेंदु अधिकारी की ताकत की भी तारीफ की

'मुझे लगा कि BJP को हराने के लिए हमें उस तरीके से कहीं ज़्यादा कोशिश करनी होगी, जिस तरह से तृणमूल कालीघाट से काम कर रही थी। मैं इस नई, आक्रामक तृणमूल का समर्थन करना चाहता था... उन्होंने मुझे भगा दिया इसलिए मैं भी चला गया,' मित्रा ने TMC प्रमुख ममता बनर्जी की ओर इशारा करते हुए कहा। मित्रा ने मुख्यमंत्री और सुवेंदु अधिकारी की ताकत की भी तारीफ की। विरोधी खेमे में होने के बावजूद, मित्रा ने अधिकारी की राजनीतिक काबिलियत को माना।

पार्टी छोड़ने के लिए महासचिव अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया

मित्रा ने आगे कहा, 'इसमें कोई शक नहीं कि सुवेंदु अधिकारी की उम्र के बावजूद उनकी ताकत और जोश को देखते हुए, देश भर में ऐसा कोई नेता मिलना बहुत मुश्किल होगा जो उनका मुकाबला कर सके।' बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक मदन मित्रा ने रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट का साथ दिया और पार्टी छोड़ने के लिए महासचिव अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया।

बागी गुट में एक और सदस्य के शामिल होने के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ज़रूरत पड़ने पर वह पार्टी को 'फिर से शुरू' कर सकती हैं। ममता बनर्जी के लिए एक और झटके के तौर पर, मदन मित्रा जिन्हें पार्टी की राज्य समिति में महासचिव बनाया गया था ने TMC से इस्तीफा दे दिया और बागी गुट में शामिल हो गए।

'मैंने कई बार ममता बनर्जी के सामने ये चिंताएं रखीं पर...'

उन्होंने ANI को बताया कि उन्होंने ममता बनर्जी की TMC से इस्तीफा दे दिया क्योंकि वह ठीक से काम नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी लीडरशिप ने उनकी चिंताओं पर कोई ध्यान नहीं दिया। 'मैंने इस्तीफ़ा इसलिए दिया क्योंकि मैं अब ममता बनर्जी की TMC में ठीक से काम नहीं कर पा रहा था। मैं उन सभी कमेटियों से हट गया हूं जिनका मैं हिस्सा था। ममता बनर्जी के कई पुराने साथी पार्टी छोड़ रहे हैं क्योंकि मेरी नजर में लीडरशिप संगठन को मजबूत करने के बजाय अभिषेक बनर्जी को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। TMC किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है,' मित्रा ने कहा। 'मैंने कई बार ममता बनर्जी के सामने ये चिंताएं रखीं, लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।'

'अभिषेक बनर्जी चाहते हैं कि फैसले सिर्फ उनकी शर्तों पर हों '

उन्होंने आगे कहा, 'मेरी नजर में, अभिषेक बनर्जी चाहते हैं कि फैसले सिर्फ उनकी शर्तों पर हों और वह दूसरों को कोई अहम भूमिका नहीं निभाने देते। नतीजतन, मुझे लगता है कि पार्टी की स्थिति कमज़ोर हो रही है।' पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें 2006 की तरह पार्टी को फिर से शुरू करने में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा, 'आज हमारे पास 18 सांसद हैं। हां, कुछ लोगों को धमकियां दी जा रही हैं। आज भी एक व्यक्ति ने पार्टी छोड़ दी। मैं यही कहूंगी कि जो लोग जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। अगर मैं 2006 में (पार्टी को) फिर से शुरू कर सकती हूं, तो 2026 में भी ऐसा कर सकती हूं।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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