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EPFO की VISHWAS 2026 योजना: पुराने विवादों को सुलझाने का मौका, लाभ लेने के लिए क्या करना होगा?

EPFO VISHWAS 2026: EPFO ने नियोक्ताओं के पुराने जुर्माना विवादों को सुलझाने के लिए 'विश्वास 2026' योजना शुरू की है। यह 6 महीने के लिए खुली है, जो मुकदमों को घटाकर व्यापार में सुगमता लाएगी।

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EPFO की 'VISHWAS 2026' योजना: पुराने विवाद खत्म करने और नियमों का पालन बढ़ाने की बड़ी पहल

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EPFO VISHWAS 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देशभर के नियोक्ताओं (कंपनी) को बड़ी राहत देने के लिए 'VISHWAS 2026' नाम से एक विशेष योजना शुरू की है। यह एक वन-टाइम डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन स्कीम (One-Time Dispute Resolution Scheme) है, जिसका उद्देश्य वर्षों से लंबित जुर्माना और हर्जाना (Penalty and Damages) से जुड़े मामलों का आसान और तेज समाधान करना है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल अदालतों में चल रहे विवाद कम होंगे, बल्कि नियोक्ताओं को स्वेच्छा से नियमों का पालन करने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इस योजना से कर्मचारियों के हित भी पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

क्या है VISHWAS 2026 योजना?

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, 29 जून 2026 से शुरू हुई यह योजना 6 महीने तक लागू रहेगी। इस दौरान पात्र नियोक्ता अपने पुराने विवादों का निपटारा आसान प्रक्रिया के जरिए कर सकेंगे। योजना मुख्य रूप से कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम 1952 के सेक्शन 14B के तहत लगाए गए हर्जाने और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के सेक्शन 128 के तहत लगाए गए जुर्माने से जुड़े मामलों पर लागू होगी। सरकार का उद्देश्य ऐसे मामलों को जल्दी निपटाना है, ताकि वर्षों से लंबित विवाद खत्म हों और EPFO की व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।

किन मामलों को मिलेगा योजना का लाभ?

  • VISHWAS 2026 योजना के तहत 4 तरह के मामलों को शामिल किया गया है।
  • पहला, वे मामले जो अभी किसी अदालत, ट्रिब्यूनल या अन्य न्यायिक मंच पर लंबित हैं।
  • दूसरा, ऐसे मामले जिनमें जुर्माने या हर्जाने की वसूली शुरू हो चुकी है, लेकिन पूरी नहीं हुई है।
  • तीसरा, वे मामले जिनमें नोटिस जारी हो चुका है, लेकिन अभी अंतिम आदेश नहीं दिया गया है।
  • चौथा, ऐसे मामले जिनमें अभी तक नोटिस भी जारी नहीं हुआ है।
इसका मतलब है कि अलग-अलग चरणों में फंसे अधिकांश पुराने विवाद इस योजना के तहत सुलझाए जा सकते हैं।

जुर्माने की दरों में बड़ी राहत

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि EPFO पुराने मामलों में जुर्माने और हर्जाने की नई गणना कम दरों पर करेगा। यह राहत 14 जून 2024 से पहले हुए डिफॉल्ट पर लागू होगी।

  • अगर भुगतान में देरी दो महीने तक की है, तो हर्जाना केवल 0.25 प्रतिशत प्रति माह की दर से लगेगा।
  • अगर देरी दो महीने से अधिक लेकिन चार महीने से कम है, तो 0.50 प्रतिशत प्रति माह की दर लागू होगी।
  • वहीं, चार महीने से अधिक की देरी वाले मामलों में 1 प्रतिशत प्रति माह की दर से हर्जाना तय किया जाएगा।
कम दरों पर दोबारा गणना होने से नियोक्ताओं का आर्थिक बोझ काफी कम हो सकता है और वे आसानी से अपने पुराने मामलों का निपटारा कर सकेंगे।

योजना का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा?

VISHWAS 2026 योजना का लाभ लेने के लिए नियोक्ताओं को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। सबसे पहले उन्हें संबंधित कानून के तहत देय पूरा ब्याज (Interest) जमा करना होगा। इसके बाद ही वे योजना के तहत आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही नियोक्ताओं को यह लिखित घोषणा भी देनी होगी कि जिस विवाद का निपटारा इस योजना के तहत किया जाएगा, उसके खिलाफ वे आगे कोई अपील या कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

EPFO ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया है। नियोक्ता EPFO Employer Portal के माध्यम से Digital Signature Certificate (DSC) या e-Sign का उपयोग करके ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। योजना को सफल बनाने के लिए EPFO ने अपने जोनल, क्षेत्रीय और जिला कार्यालयों में विशेष VISHWAS सेल बनाने का फैसला किया है। ये सेल आवेदनकर्ताओं की मदद करेंगे और मामलों के त्वरित निपटारे की निगरानी भी करेंगे। साथ ही मुख्यालय और जोनल स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि किसी भी आवेदन में अनावश्यक देरी न हो।

क्यों खास है यह पहल?

VISHWAS 2026 सिर्फ एक राहत योजना नहीं है, बल्कि यह सरकार की ऐसी पहल है जो नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के हितों को संतुलित करती है। एक ओर नियोक्ताओं को पुराने विवाद खत्म करने और कम जुर्माने के साथ अनुपालन सुधारने का मौका मिलेगा, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा अधिकार सुरक्षित रहेंगे। सरकार का मानना है कि जब पुराने मामले समाप्त होंगे और नियमों का पालन बढ़ेगा, तब EPFO की पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और विवाद-मुक्त बनेगी। यही वजह है कि VISHWAS 2026 को देश में सामाजिक सुरक्षा प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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