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मजबूत अर्थव्यवस्था से ही मजबूत विदेश नीति, बोले नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार

Indian Economic Growth: अर्थशास्त्री और नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि मजबूत अर्थव्यवस्था ही प्रभावी विदेश नीति की आधारशिला होती है। उन्होंने बताया कि वैश्विक मंच पर सम्मान पाने के लिए भारत को तेज़ आर्थिक विकास करना होगा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपनी भागीदारी बढ़ानी होगी, क्योंकि आर्थिक शक्ति ही किसी देश की वैश्विक राजनीतिक स्थिति तय करती है।

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मजबूत अर्थव्यवस्था से ही बनेगी भारत की सशक्त विदेश नीति: राजीव कुमार (तस्वीर-istock)

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Indian Economic Growth : प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि किसी भी देश की विदेश नीति की असली ताकत उसकी अर्थव्यवस्था होती है। अगर देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, तो वह दुनिया के सामने अपनी बात मजबूती से रख सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक मंच पर सम्मान और प्रभाव हासिल करने के लिए तेज़ी से आर्थिक विकास करना होगा।

वैश्विक राजनीति में अर्थव्यवस्था की भूमिका

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक राजीव कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज की दुनिया में आर्थिक शक्ति ही किसी देश की वैश्विक राजनीति में स्थिति तय करती है। जिन देशों की अर्थव्यवस्था कमजोर होती है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से नहीं लिया जाता। ऐसे देश न तो बड़े फैसलों को प्रभावित कर पाते हैं और न ही अपनी शर्तों पर बातचीत कर पाते हैं। उन्होंने यह बातें गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं।

विदेश नीति की सबसे बड़ी ताकत आर्थिक विकास

राजीव कुमार ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान का हवाला देते हुए कहा कि भारत के लिए सबसे अच्छी विदेश नीति अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि अगर आप अपनी अर्थव्यवस्था को विकसित नहीं करेंगे, तो आपके पास किसी से बात करने की ताकत नहीं होगी। उनका मानना है कि आर्थिक विकास के बिना कूटनीति सिर्फ शब्दों तक सीमित रह जाती है।

चीन का उदाहरण और भारत के लिए सबक

राजीव कुमार ने चीन का उदाहरण देते हुए बताया कि आज चीन दुनिया की 53 अग्रणी तकनीकों में से 47 में आगे है। पहले यह बढ़त अमेरिका के पास थी, लेकिन अब चीन तकनीक और उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा कि यही आर्थिक और तकनीकी ताकत चीन को अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश के सामने खड़ा होने की क्षमता देती है।

वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना जरूरी

राजीव कुमार ने जोर देकर कहा कि अगर भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा प्रभाव और सम्मान चाहिए, तो उसे वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी। भारत को केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि निर्यात, उद्योग, तकनीक और नवाचार पर भी ध्यान देना होगा।

सम्मान का रास्ता विकास से होकर

अपने संबोधन के अंत में राजीव कुमार ने कहा कि आर्थिक मजबूती ही किसी देश को आत्मविश्वास देती है। जब देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो उसकी आवाज़ दुनिया सुनती है। भारत अगर तेजी से विकास करता है, तकनीक में आगे बढ़ता है और वैश्विक व्यापार में अपनी मौजूदगी मजबूत करता है, तभी वह विश्व मंच पर एक प्रभावशाली और सम्मानित भूमिका निभा सकता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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