Silver Import Rules : केंद्र सरकार ने चांदी के आयात को लेकर नियमों को और सख्त कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब देश में चांदी का आयात केवल वैध आयात मंजूरी (इम्पोर्ट ऑथराइजेशन) के आधार पर ही किया जा सकेगा। यह मंजूरी विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा जारी की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से चांदी के बढ़ते आयात पर निगरानी रखी जा सकेगी और अनावश्यक आयात को नियंत्रित किया जा सकेगा।
किन एजेंसियों को मिलेगी आयात की अनुमति
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक सरकार के नए नियमों के अनुसार, केवल रिजर्व बैंक द्वारा नामित एजेंसियां, डीजीएफटी से मंजूरी प्राप्त संस्थाएं और इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) के माध्यम से पात्र ज्वैलर्स ही चांदी का आयात कर सकेंगे। हालांकि, इन सभी को भी आयात से पहले डीजीएफटी की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के चांदी का आयात नहीं किया जा सकेगा।
डीजीएफटी ने जारी की अधिसूचना
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि अधिकृत एजेंसियों को चांदी के आयात की अनुमति तभी मिलेगी जब उनके पास डीजीएफटी द्वारा जारी वैध आयात मंजूरी होगी। यह नियम विभिन्न प्रकार की चांदी पर लागू होगा। इसमें बिना गढ़ी हुई चांदी, अर्ध-निर्मित चांदी, पाउडर के रूप में चांदी और सोने या प्लैटिनम की परत चढ़ी हुई चांदी भी शामिल है। साथ ही 99.9 प्रतिशत या उससे अधिक शुद्धता वाली चांदी भी इस नियम के दायरे में आएगी।
बढ़ते आयात को देखते हुए उठाया गया कदम
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश में चांदी का आयात तेजी से बढ़ रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में चांदी का आयात पिछले साल की तुलना में 157 प्रतिशत बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में चांदी का आयात करीब 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। आयात में इस तेज बढ़ोतरी ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी।
पहले बढ़ाया गया था आयात शुल्क
गौर हो कि पिछले महीने सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। यह फैसला पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए लिया गया था। सरकार का उद्देश्य गैर-जरूरी आयात को कम करना और विदेशी मुद्रा की बचत करना है। अब डीजीएफटी की मंजूरी को अनिवार्य बनाकर सरकार ने इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
आभूषण और उद्योगों में होता है चांदी का उपयोग
भारत में चांदी का उपयोग बड़े पैमाने पर आभूषण निर्माण के साथ-साथ कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर उपकरण, चिकित्सा उपकरण और अन्य विनिर्माण उद्योगों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है।
इन देशों से होती है सबसे ज्यादा खरीद
भारत मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ब्रिटेन और चीन से चांदी का आयात करता है। बढ़ती मांग और आयात में तेजी को देखते हुए सरकार अब इस क्षेत्र पर अधिक नियंत्रण और निगरानी रखना चाहती है। नए नियमों के लागू होने के बाद चांदी के आयात की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और नियंत्रित होने की उम्मीद है। इससे अनावश्यक आयात पर रोक लगाने और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
