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Share Market खुलते ही हुआ 2.50 लाख करोड़ का नुकसान! IT शेयरों में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 400 और निफ्टी 100 अंक टूटे

Share Market में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत बिकवाली के दबाव में हुई। आईटी स्टॉक्स में भारी बिकवाली के चलते निफ्टी आईटी 3 फीसदी से ज्यादा फिसल गया। वहीं, ब्रॉड और सेक्टोरल मार्केट में भी चौतरफा बिकवाली हावी रही, जिससे निवेशकों को करीब 2.50 लाख करोड़ का झटका लगा है।

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बाजार में गिरावट

Share Market Today: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और प्रमुख इंडेक्स खुलते ही दबाव में आ गए। आईटी शेयरों में तेज बिकवाली के चलते बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ गया, जिसका असर लार्जकैप से लेकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों तक दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की संपत्ति में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। बुधवार को बाजार बंद होते समय भारत की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 47,478,122.35 करोड़ रुपये था, जो सुबह बाजार खुलते ही 47227613.95 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह निवेशकों को 2,50,508.4 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

इंडेक्स पर शुरुआती दबाव

सुबह के कारोबार में BSE Sensex करीब 400 अंक टूटकर 83,800 के आसपास कारोबार करता दिखा। इंडेक्स ने ऊपरी स्तरों पर टिकने की कोशिश की, लेकिन बिकवाली के दबाव में नीचे फिसल गया। वहीं NSE Nifty भी करीब 100 अंक गिरकर 25,850 के नीचे कारोबार करता दिखा, जिससे संकेत मिला कि बाजार में शुरुआती सत्र में मुनाफावसूली हावी रही।

IT शेयरों ने बिगाड़ी बाजार की चाल

आज की गिरावट में सबसे बड़ा दबाव आईटी शेयरों से आया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा फिसल गया, जिससे टेक शेयरों में बिकवाली तेज हो गई। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जिसका सीधा असर इंडेक्स पर पड़ा।

NSE Sectoral Market

NSE Sectoral Market

ब्रॉड मार्केट में भी दबाव

गिरावट सिर्फ लार्जकैप शेयरों तक सीमित नहीं रही। ब्रॉड मार्केट इंडेक्स भी लाल निशान में रहे और मिडकैप व स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। बाजार की चौड़ाई कमजोर रही, जहां बढ़ने वाले शेयरों के मुकाबले गिरने वाले शेयरों की संख्या काफी ज्यादा रही।

NSE Broad Market

NSE Broad Market

मार्केट ब्रेड्थ कमजोर

आज के कारोबार में बाजार की चौड़ाई कमजोर रही, जहां कुल कारोबार किए गए शेयरों में गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से काफी ज्यादा रही। NSE पर लगभग 2,600 से ज्यादा शेयरों में ट्रेडिंग के दौरान करीब 1,800 से अधिक शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जबकि बढ़त वाले शेयरों की संख्या 750 के आसपास सीमित रही। यह संकेत देता है कि बिकवाली सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे बाजार में दबाव देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद बाजार में अल्पकालिक मुनाफावसूली स्वाभाविक है। अब निवेशकों की नजर ग्लोबल संकेतों और आईटी सेक्टर की आगे की चाल पर रहेगी, जो बाजार की दिशा तय कर सकती है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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