पैसे की बारिश, 2 दिन में 20 लाख करोड़ कमाई! लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर पार
- Authored by: यतींद्र लवानिया
- Updated Feb 3, 2026, 02:12 PM IST
Share Market में दो दिन से ताबड़तोड़ तेजी जारी है। इसे देखते हुए लग रहा है, मानो बाजार में पैसे की बारिश हो रही है। क्योंकि, फरवरी में महज दो दिन में निवेशकों की पूंजी में 20 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
बाजार में जोरदार तेजी
Share Market में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ऐलान के बाद जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। पिछले सिर्फ दो कारोबारी सत्रों में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹20 लाख करोड़ का इजाफा हो गया। इस तेज उछाल के साथ BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप इस साल पहली बार 5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है। यह आंकड़ा कितना बड़ा है, इसका अंदाज इस बात से लगा सकते हैं कि भारत की GDP फिलहाल 4 ट्रिलियन डॉलर के करीब है। इस तरह भारत के बाजार में लिस्टेड कंपनियों की कीमत भारत की अर्थव्यवस्था से ज्यादा है।

BSE Mcap
दो दिन में बदला बाजार का माहौल
फरवरी के पहले दो ट्रेडिंग सत्रों में बाजार में खरीदारी की बाढ़ आ गई। BSE के आंकड़ों के मुताबिक, लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹4.50 लाख करोड़ करोड़ से बढ़कर ₹4.74 लाख करोड़ करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। यानी महज दो दिन में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹20 लाख करोड़ का इजाफा हुआ।
| तारीख | BSE मार्केट कैप (₹ करोड़) | दिन का बदलाव (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| 01 फरवरी 2026 (क्लोज) | 4,50,40,389.91 | — |
| 02 फरवरी 2026 (क्लोज) | 4,54,35,628.10 | +3,95,238.19 |
| 03 फरवरी 2026 (डे हाई) | 4,74,00,000 (लगभग) | +19,64,372 |
| दो दिन में कुल बढ़ोतरी (डे हाई तक) | — | लगभग ₹23.6 लाख करोड़ |
तेजी की असली वजह क्या रही?
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह भारत-अमेरिका ट्रेड समझौता रहा, जिसके तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ को काफी घटा दिया गया। इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत हुई और बाजार ने तुरंत इसका सकारात्मक असर दिखाया। टैरिफ कम होने से टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कंपोनेंट, सीफूड और केमिकल सेक्टर की कंपनियों के मुनाफे के अनुमान सुधरते दिखे, जिससे निवेशकों ने तेजी से खरीदारी शुरू कर दी।
रिकॉर्ड तेजी के साथ खुला बाजार
समझौते की घोषणा के बाद बाजार ने ऐतिहासिक उछाल के साथ शुरुआत की। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,000 से ज्यादा अंक उछल गया, जबकि निफ्टी ने भी करीब 3% की छलांग लगाई। तेजी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
ब्रॉड मार्केट में दिखी मजबूत भागीदारी
मार्केट स्टैटिस्टिक्स भी तेजी की चौड़ाई दिखाते हैं। कुल 4,300 से ज्यादा शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें 3,200 से ज्यादा शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि गिरने वाले शेयरों की संख्या काफी कम रही। 224 शेयर अपर सर्किट में पहुंचे, जबकि सिर्फ 133 शेयर लोअर सर्किट में रहे, जो बाजार में मजबूत सकारात्मक रुझान का संकेत है।
किन सेक्टरों ने मारी बाजी?
टेक्सटाइल कंपनियों में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया क्योंकि अमेरिकी बाजार इनके लिए बड़ा निर्यात गंतव्य है। इसके अलावा सीफूड एक्सपोर्ट, ऑटो कंपोनेंट और इंजीनियरिंग कंपनियों के शेयरों में भी तेज खरीदारी हुई। निवेशकों को उम्मीद है कि कम टैरिफ का असर आने वाले क्वार्टर में कंपनियों के ऑर्डर बुक और मुनाफे पर दिखेगा।
कहां हुआ सबसे ज्यादा असर
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगातार दूसरे दिन जोरदार तेजी देखने को मिली और दो कारोबारी सत्रों में स्टॉक 10% से ज्यादा चढ़ गया, जिससे कंपनी के मार्केट कैप में ₹1.4 लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हो गया। मंगलवार को शेयर 6.5% की तेजी के साथ ₹1,481.45 पर खुला और इंट्राडे में ₹1,489 तक पहुंचा, हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली के बीच करीब ₹1,445 के आसपास कारोबार करता दिखा। इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब ₹19.6 लाख करोड़ पहुंच गया, जबकि सिर्फ मंगलवार को ही करीब ₹79,000 करोड़ की वैल्यू जुड़ी। इससे पहले सोमवार को भी शेयर 3% से ज्यादा चढ़ा था और कंपनी के मार्केट वैल्यूएशन में लगभग ₹59,700 करोड़ का इजाफा हुआ था। वहीं, तेजी का असर मुद्रा बाजार में भी दिखा और रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। साथ ही, सरकारी बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।
| दिन / तारीख | शेयर का क्लोजिंग भाव (₹) | मार्केट कैप (₹ लाख करोड़) | एक दिन में बदलाव (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|
| बजट डे (गिरावट के बाद) | — | ~18.21 | — |
| 2 फरवरी 2026 | 1,390.40 | 18.81 | +59,746 |
| 3 फरवरी 2026 (इंट्राडे) | ~1,445 | 19.60 | +79,000 |
| दो दिन कुल बढ़ोतरी | — | — | ~1.4 लाख करोड़ |
क्या यह तेजी टिकेगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी सिर्फ भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि व्यापारिक माहौल में आए वास्तविक बदलाव का असर है। हालांकि, समझौते के विस्तृत नियम और लागू होने की समयसीमा अभी साफ नहीं है, इसलिए बाजार आगे कुछ उतार-चढ़ाव भी देख सकता है। फिलहाल बाजार का मूड साफ है कि ट्रेड डील ने निवेशकों का भरोसा लौटाया है और पूंजी फिर से इक्विटी बाजार की ओर बहती दिख रही है। अगर समझौते का फायदा निर्यात और कॉरपोरेट कमाई में नजर आता है, तो यह तेजी लंबी भी चल सकती है।
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