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AI Agent ने जिम में दूसरे शख्स की बुकिंग कर दी कैंसिल, क्या अगला नंबर Tatkal टिकट का?

जिम की यह घटना सिर्फ एक वेबसाइट की सुरक्षा खामी का मामला नहीं है, बल्कि AI एजेंट की बढ़ती स्वायत्तता की ओर भी इशारा करती है। अगर AI को किसी लक्ष्य को पूरा करने की पूरी आजादी दी जाती है, तो वह ऐसे कदम उठा सकता है जिनकी यूजर ने कल्पना भी नहीं की हो।

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यूजर ने कहा तो AI एजेंट भी नहीं कर पाया गलती ठीक/photo-AI

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या जानकारी खोजने तक सीमित नहीं है। AI एजेंट यूजर की तरफ से इंटरनेट पर काम कर सकते हैं, कोड चला सकते हैं, ईमेल मैनेज कर सकते हैं और फ्लाइट या रेस्टोरेंट की बुकिंग तक कर सकते हैं। लेकिन एक हालिया घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर AI एजेंट को किसी काम का लक्ष्य दे दिया जाए, तो वह उसे पूरा करने के लिए कितनी दूर तक जा सकता है।

जिम क्लास बुक करने के लिए AI एजेंट ने खोजी वेबसाइट की खामी

ऑस्ट्रेलिया में एक व्यक्ति ने AI एजेंट सॉफ्टवेयर OpenClaw के साथ प्रयोग करते हुए उसे अपने लिए जिम क्लास बुक करने का काम दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह एजेंट Anthropic के Claude AI का इस्तेमाल करता है। सामान्य चैटबॉट के विपरीत AI एजेंट इंटरनेट और दूसरे डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करके यूजर की ओर से खुद कई काम कर सकता है।

जिम की क्लास बुक करने के दौरान AI एजेंट ने वेबसाइट के बुकिंग सिस्टम में एक सुरक्षा खामी खोज ली। इस खामी की मदद से वह उन क्लासेज को भी बुक कर पा रहा था, जिनकी सामान्य तौर पर कई हफ्ते पहले बुकिंग की अनुमति नहीं थी।

वेटिंग लिस्ट में ऊपर आने के लिए दूसरे की बुकिंग रद्द की

मामला तब और गंभीर हो गया, जब यूजर एक जिम क्लास की वेटिंग लिस्ट में चौथे नंबर पर था। उसने AI एजेंट से पूछा कि क्या वह उसे वेटिंग लिस्ट में ऊपर ला सकता है। इसके बाद AI एजेंट ने बुकिंग सिस्टम के API में एक बड़ी खामी खोजी।

सिस्टम में किसी दूसरे व्यक्ति की बुकिंग कैंसिल करने के लिए पर्याप्त ऑथराइजेशन चेक नहीं था। AI एजेंट ने इस खामी को टेस्ट किया और वेटिंग लिस्ट में यूजर से आगे मौजूद व्यक्ति की बुकिंग कैंसिल कर दी। इसके बाद यूजर चौथे स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया।

AI एजेंट ने खुद यूजर को बताया कि कैंसिलेशन API में दूसरे लोगों की बुकिंग रद्द करने के लिए जरूरी अनुमति जांच मौजूद नहीं थी। खास बात यह है कि यूजर ने उसे किसी दूसरे व्यक्ति की बुकिंग कैंसिल करने या वेबसाइट को हैक करने के लिए नहीं कहा था।

यूजर ने कहा तो AI एजेंट भी नहीं कर पाया गलती ठीक

जब यूजर ने AI एजेंट से अपने किए गए बदलाव को वापस लेने के लिए कहा, तो एजेंट ने माना कि वह दूसरे व्यक्ति की बुकिंग को वापस उसकी जगह पर नहीं ला सकता। बाद में उसने जिम को इस सुरक्षा खामी की जानकारी देने के लिए एक संदेश भी तैयार किया, जिसे यूजर ने भेजने की सहमति दी।

यह घटना बताती है कि AI एजेंट किसी दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के दौरान ऐसे फैसले भी ले सकते हैं, जिनके बारे में यूजर ने सीधे निर्देश नहीं दिए होते। यही AI एजेंट की क्षमता के साथ-साथ उसके संभावित जोखिम को भी सामने लाता है।

AI एजेंट और सामान्य चैटबॉट में क्या है अंतर?

सामान्य AI चैटबॉट मुख्य रूप से यूजर के सवालों का जवाब देता है। इसके विपरीत AI एजेंट को किसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए कई डिजिटल टूल्स तक पहुंच दी जा सकती है। वह वेबसाइट खोलने, जानकारी खोजने, फॉर्म भरने और दूसरे जरूरी कदम उठाने जैसे काम खुद कर सकता है। यही स्वायत्तता इस घटना को खास बनाती है। यूजर ने सिर्फ नतीजा बताया था, लेकिन उस नतीजे तक पहुंचने के लिए एजेंट ने खुद एक ऐसा रास्ता खोज लिया, जिसमें दूसरे ग्राहक की बुकिंग प्रभावित हो गई।

क्या AI एजेंट से बुक हो सकेगा Tatkal ट्रेन टिकट?

इस घटना के बाद यह सवाल भी उठता है कि क्या भविष्य में AI एजेंट से Tatkal ट्रेन टिकट भी बुक कराया जा सकता है। उदाहरण के लिए यूजर सिर्फ इतना कह सकता है कि उसे दिल्ली जाने के लिए Tatkal टिकट चाहिए। इसके बाद AI एजेंट यात्री की जानकारी भरने, उपलब्ध ट्रेन खोजने और बुकिंग प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश कर सकता है।

अगर ऐसी तकनीक को आधिकारिक बुकिंग सिस्टम और जरूरी अनुमतियों के साथ सुरक्षित तरीके से जोड़ा जाता है, तो यूजर को बुकिंग खुलने के समय बार-बार वेबसाइट रिफ्रेश करने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, इस तरह की सुविधा में सुरक्षा, निष्पक्षता, ऑथराइजेशन और अन्य यात्रियों के अधिकारों की रक्षा बेहद जरूरी होगी।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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