बिजनेस

Shadowfax IPO खुला, निवेश से पहले चेक करें ताजा GMP समेत तमाम जरूरी जानकारी

लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स डिलीवरी स्पेस की बड़ी कंपनी Shadowfax Technologies का IPO आज यानी 20 जनवरी 2026 से खुल गया है। बाजार में लिस्टिंग गेन को लेकर निवेशकों की नजर सबसे ज्यादा GMP और शुरुआती subscription Trend पर रहती है। इस IPO में फ्रेश इश्यू और OFS दोनों शामिल हैं, इसलिए निवेश से पहले प्राइस बैंड, लॉट साइज, फंड के इस्तेमाल और कंपनी के फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड को समझना जरूरी है।

Image

सब्सक्रिप्शन के लिए खुला आईपीओ (इमेज क्रेडिट, कैन्वा)

Shadowfax Technologies IPO एक बुक बिल्ड इश्यू है, जिसका कुल साइज ₹1,907.27 करोड़ है। इसमें ₹1,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹907.27 करोड़ का Offer For Sale शामिल है। IPO का प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 प्रति शेयर तय किया गया है और लॉट साइज 120 शेयर का है। यानी रिटेल निवेशक के लिए न्यूनतम निवेश ₹14,880 (कट-ऑफ ₹124 के हिसाब से) बनता है।

Shadowfax IPO प्रमुख तारीखें

Shadowfax IPO के लिए सब्सक्रिप्शन 20 जनवरी, 2026 को खुला है और 22 जनवरी 2026 तक चलेगा। IPO का अलॉटमेंट 23 जनवरी को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद 27 जनवरी को रिफंड और शेयर क्रेडिट की प्रक्रिया होगी, जबकि लिस्टिंग 28 जनवरी, 2026 को तय की गई है।

ताजा GMP क्या कह रहा है?

Shadowfax IPO का लेटेस्ट GMP ₹6 बताया गया है। कैप प्राइस ₹124 के मुकाबले यह संकेत देता है कि अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब ₹130 के आसपास हो सकता है। यानी ग्रे मार्केट के हिसाब से संभावित लिस्टिंग गेन करीब 4.8% बैठता है। हालांकि GMP अनऑफिशियल होता है और तेजी से बदलता है, इसलिए इसे सिर्फ सेंटिमेंट इंडिकेटर की तरह देखना बेहतर है।

कैसी हुई सब्सक्रिप्शन की शुरुआत?

IPO के पहले दिन सुबह करीब 10:34 बजे तक Shadowfax का कुल सब्सक्रिप्शन 7 फीसदी दर्ज किया गया। रिटेल कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन 33 फीसदी रहा, वहीं, NII कैटेगरी में 4 फीसदी रहा। जबकि QIB में अभी तक सब्सक्रिप्शन का खाता नहीं खुला है। शुरुआती ट्रेंड यह बताता है कि अभी असली रफ्तार अगले सेशंस में दिख सकती है, क्योंकि QIB और बड़े निवेशक अक्सर अंतिम दिन में ज्यादा एक्टिव होते हैं।

एंकर इन्वेस्टर्स से ₹856 करोड़ जुटाए

Shadowfax IPO ने एंकर इन्वेस्टर्स से ₹856.02 करोड़ जुटाए हैं। एंकर बिड डेट 19 जनवरी 2026 थी। एंकर फंडिंग आमतौर पर इश्यू को शुरुआती सपोर्ट देती है, लेकिन यह लिस्टिंग परफॉर्मेंस की गारंटी नहीं होती।

कंपनी क्या करती है?

Shadowfax Technologies की शुरुआत जून 2016 में हुई थी। कंपनी भारत में ई-कॉमर्स पार्सल डिलीवरी, D2C डिलीवरी, हाइपरलोकल और क्विक कॉमर्स और पर्सनल कूरियर जैसी सर्विस देती है। कंपनी का नेटवर्क 4,299 टचपॉइंट्स तक फैला है और यह 14,758 पिन कोड्स को सर्व करता है। ऑपरेशनल स्पेस 3.50 मिलियन स्क्वायर फीट से ज्यादा है, जिसमें 53 सॉर्ट सेंटर शामिल हैं। Shadowfax का मॉडल एसेट लाइट है, जहां कंपनी सुविधाएं लीज पर लेती है और ऑटोमेशन व मशीनरी अपने कंट्रोल में रखती है।

कौन हैं कपंनी के बड़े क्लाइंट?

कंपनी के बड़े क्लाइंट्स में Meesho, Flipkart, Myntra, Swiggy, Bigbasket, Zepto, Nykaa, Blinkit, Zomato, Uber, ONDC जैसे नाम शामिल हैं, जो इसके स्केल और डिमांड को मजबूत बनाते हैं।

कैसी है वित्तीय स्थिति?

Shadowfax के रेस्टेटेड कंसोलिडेटेड नंबर देखें तो कंपनी ने FY23 में बड़ा घाटा दिखाया था, लेकिन धीरे-धीरे प्रॉफिटेबिलिटी की तरफ वापसी के संकेत मिले हैं। 30 सितंबर 2025 तक कंपनी का PAT ₹21.04 करोड़ रहा, जबकि FY25 में PAT ₹6.06 करोड़ था। EBITDA भी FY23 के निगेटिव से FY25 और FY26 में पॉजिटिव जोन में आया है। ऐसे में निवेशक के लिए अहम सवाल यही है कि क्या यह प्रॉफिटेबिलिटी सस्टेनेबल है और क्या ग्रोथ के साथ मार्जिन भी टिकेगा।

IPO का पैसा कहां लगेगा?

कंपनी इस IPO से मिलने वाले नेट प्रोसिड्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के capex, नए फर्स्ट-माइल/लास्ट-माइल सेंटर और सॉर्ट सेंटर के लीज पेमेंट, ब्रांडिंग-मार्केटिंग और संभावित इनऑर्गेनिक एक्विजिशन जैसे उद्देश्यों में करेगी। यानी फोकस स्पष्ट रूप से स्केल और विस्तार पर है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article