Bank Strike : देशभर में सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कामकाज पर जल्द ही असर पड़ सकता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा 5-दिन का कार्य सप्ताह (5-day banking) लागू करने और अपनी अन्य मांगों को लेकर 3 दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। हड़ताल के दौरान आम जनता और ग्राहकों को मिलने वाली जरूरी बैंकिंग सेवाओं में कोई बाधा न आए, इसे सुनिश्चित करने के लिए वित्त मंत्रालय ने कमर कस ली है। इसी सिलसिले में सोमवार को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) के सचिव ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) की एक अहम बैठक बुलाई है।
ग्राहकों को असुविधा से बचाने के लिए बनेंगे आकस्मिक इंतजाम
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबकि सोमवार को होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य हड़ताल के दिनों में भी बैंकिंग परिचालन को सुचारू रूप से चलाए रखने के उपाय खोजना है। वित्त मंत्रालय द्वारा बैंकों को भेजे गए आधिकारिक संदेश के अनुसार, बैठक में इस बात पर गहराई से चर्चा होगी कि हड़ताल के दौरान जरूरी ग्राहक सेवाओं और एटीएम सेवाओं को कैसे चालू रखा जाए। सरकार और बैंक प्रबंधन मिलकर ऐसे आकस्मिक कदम उठाने की योजना बना रहे हैं, जिससे आम लोगों को पैसे के लेनदेन या अन्य जरूरी कामों में न्यूनतम परेशानी का सामना करना पड़े।
5 दिन ठप रह सकती हैं सेवाएं, छमाही क्लोजिंग पर भी मंडराया संकट
यूनियनों ने यह हड़ताल 28 सितंबर से शुरू करने की घोषणा की है। चूंकि 28 सितंबर से ठीक पहले सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) की छुट्टियां हैं, इसलिए अगर यह हड़ताल होती है, तो लगातार 5 दिनों तक बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। चिंता की बात यह भी है कि यह हड़ताल बैंकिंग क्षेत्र की छमाही क्लोजिंग (हाफ-इयरली क्लोजिंग) के समय हो रही है। इस दौरान बैंकों में वित्तीय हिसाब-किताब का भारी काम होता है, ऐसे में कामकाज ठप होने से न केवल आम ग्राहकों बल्कि व्यापार जगत को भी बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें और पुरानी पेंशन की वापसी
बैंक यूनियनों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन यूएफब्यू (UFBU) का दावा है कि वह देश के लगभग 90 प्रतिशत बैंक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। इससे पहले भी अपनी मांगों के समर्थन में इन यूनियनों ने 11 सितंबर को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की थी। कर्मचारियों की मुख्य मांग हफ्ते में 5 दिन काम (शनिवार की छुट्टी) करने की व्यवस्था लागू करना है। इसके अलावा, उनकी अन्य प्रमुख मांगों में पेंशन को अपडेट करना, उसमें सुधार करना, सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला लागू करना और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में शामिल होने का विकल्प देना शामिल है।
