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SBI 7 लाख रुपये के निवेश पर 1 साल की FD पर कितना पैसा देगा? देखें पूरा गणित

एफडी में निवेश की योजना बना रहे हैं तो एसबीआई की एफडी स्कीम को निवेश के लिए चुन सकते हैं। बैंक अपने ग्राहकों को अलग-अलग अवधि की एफडी पर ब्याज की आकर्षक दरें ऑफर कर रहा है।

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FD (Photo: iStock)

SBI FD Interest Rates: भारत में FD को सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसमें निवेशकों को तय ब्याज दर के साथ गारंटीड रिटर्न मिलता है। खासकर ऐसे लोग जो मार्केट रिस्क से बचना चाहते हैं, उनके लिए बैंक FD काफी लोकप्रिय विकल्प मानी जाती है। अगर आप भी एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो ये जानकारी आपके लिए बेहद काम की साबित हो सकती है। देश का सबसे बड़ा पब्लिक सेक्टर बैंक SBI (State Bank of India) अपने ग्राहकों को अलग-अलग अवधि की Fixed Deposit (FD) schemes पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है। आप एसबीआई की 1 साल की अवधि वाली एफडी में निवेश कर सकते हैं।

कितना मिलेगा ब्याज

SBI FD Interest Rates

FD (Photo: iStock)

अगर कोई व्यक्ति SBI में 1 साल की अवधि के लिए FD करवाता है तो सामान्य नागरिकों को 6.25 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है। वहीं, सीनियर सिटिजन ग्राहकों को इसी अवधि के लिए 6.75 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है।

एक साल में कितना होगा रिटर्न

उदाहरण के तौर पर अगर कोई सामान्य नागरिक SBI की 1 साल की FD scheme में 7 लाख रुपये निवेश करता है, तो उसे लगभग 44,786 रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे। इस तरह मैच्योरिटी पर कुल राशि बढ़कर 7,44,786 रुपये हो जाएगी।

वहीं, अगर कोई सीनियर सिटिजन 1 साल के लिए 7 लाख रुपये की FD करवाता है, तो उसे लगभग 48,460 रुपये ब्याज मिलेगा। ऐसे में मैच्योरिटी पर कुल राशि 7,48,460 रुपये हो जाएगी।

ग्राहक श्रेणीनिवेश अवधिब्याज दरनिवेश राशिमिलने वाला ब्याजमैच्योरिटी अमाउंट
सामान्य नागरिक1 साल6.25%₹7,00,000₹44,786₹7,44,786
सीनियर सिटिजन1 साल6.75%₹7,00,000₹48,460₹7,48,460

एक साल की एफडी में क्यों करें निवेश

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शॉर्ट-टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए 1 साल की FD एक अच्छा विकल्प हो सकती है। खासकर ऐसे लोग जिन्हें अगले कुछ वर्षों में पैसों की जरूरत पड़ सकती है, उनके लिए FD सुरक्षित और स्टेबल रिटर्न देने वाला निवेश विकल्प माना जाता है।

एफडी के ब्याज पर टैक्स

हालांकि FD में निवेश करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले निवेशक को ब्याज दर, निवेश अवधि और लिक्विडिटी जरूरत को समझना चाहिए। क्योंकि FD को मैच्योरिटी से पहले तोड़ने पर बैंक पेनल्टी चार्ज कर सकता है और ब्याज भी कम मिल सकता है। इसके अलावा, FD पर मिलने वाले ब्याज पर एक सीमा के बाद टैक्स भी लगता है। हालांकि अगर किसी व्यक्ति की कुल इनकम टैक्स सीमा से कम है, तो वह TDS कटने से बच सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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