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खुदरा महंगाई दर 4 प्रतिशत से कम रही, बोले RBI गवर्नर- हमें अभी पूरा करना है सफर

Retail Inflation: खुदरा महंगाई दर अगस्त में 3.65 प्रतिशत रही। यह लगातार दूसरा महीना है, जब महंगाई दर 4 प्रतिशत से कम रही। इस पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा कि कम हुई है, लेकिन हमें अभी सफर पूरा करना है।

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महंगाई दर बोले आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास

Photo : BCCL

Retail Inflation: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने शुक्रवार को कहा कि भारत में महंगाई दर कम हुई है, लेकिन हमें अभी सफर पूरा करना है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित भारत की खुदरा महंगाई दर अगस्त में 3.65 प्रतिशत रही। यह लगातार दूसरा महीना है, जब महंगाई दर 4 प्रतिशत से कम रही। सरकार ने आरबीआई को यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा है कि महंगाई दर चार प्रतिशत पर बनी रहे, जिसमें ऊपर नीचे की और दो प्रतिशत की घटबढ़ हो सकती है।

दास ने यहां ब्रेटन वुड्स कमेटी के कार्यक्रम 'फ्यूचर ऑफ फाइनेंस फोरम 2024' में अपने संबोधन के दौरान कहा कि महंगाई दर अप्रैल 2022 में अपने चरम 7.8 प्रतिशत से कम होकर चार प्रतिशत के लक्ष्य के आसपास संतोषजनक स्तर पर आ गई है, लेकिन हमें अभी भी सफर तय करना है और हम दूसरी तरफ देखने का जोखिम नहीं उठा सकते।

RBI के अनुमानों से संकेत मिलता है कि महंगाई दर 2023-24 में 5.4 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 4.5 प्रतिशत और 2025-26 में 4.1 प्रतिशत हो जाएगी। गवर्नर ने कहा कि वैश्विक आर्थिक गतिविधि और व्यापार ने बड़े पैमाने पर नकारात्मक जोखिमों को झेला है, लेकिन महंगाई दर का अंतिम पड़ाव चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। इससे वित्तीय स्थिरता के जोखिम भी पैदा हुए हैं।

दास ने कहा कि वैश्विक महंगाई दर में कमी की गति धीमी हो रही है, जिससे मौद्रिक नीति को उदार बनाने में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंकों को मौद्रिक नीति का प्रबंधन सोच-विचार करके करना चाहिए और सरकार को आपूर्ति पक्ष के उपायों पर ध्यान देना चाहिए। दास ने कहा कि दरों में कटौती के लिए बाजार की उम्मीदें अब बढ़ रही हैं और खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत बदलाव के संकेतों के बाद ऐसा देखने को मिल रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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