Times Now Navbharat
live-tv
Premium

Explained: UGC NET के 3 विषयों की परीक्षा दोबारा क्यों? जानें इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी पेपर में क्या हुई गड़बड़ी?

UGC NET English, Commerce, Sociology Exam Errors: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने यूजीसी ने के तीन विषयों अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। इस बीच छात्र व अभिभावकों के मन में सवाल है कि आखिर 3 विषयों की परीक्षाओं के प्रश्न पत्र में क्या क्या गलतियां पाई गई थी। यहां आप जान सकते हैं।

Image
UGC NET Exam Errors: UGC NET इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी में क्या गलती हुई
Authored by: Aditya Singh
Updated Aug 17, 2026, 17:26 IST
Follow on Google News

UGC NET English, Commerce, Sociology Exam Errors: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला (UGC NET Exam Errors) किया है। इन तीनों प्रश्नपत्रों में कई गंभीर त्रुटियां मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया है। अंग्रेजी की परीक्षा 9 सितंबर 2026, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी। कॉमर्स का एग्जाम 9 सितंबर 2026, दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर 2026 सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित होगी। एनटीए के मुताबिक, इन तीन विषयों के पेपर में तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद और व्याकरण संबंधी गलतियां पाई गई थी। इसके अलावा कुछ सवालों की भाषा में गड़बड़ी, विद्वानों के नाम और किताबों के शीर्षक गलत लिखे जाने, दोहराए गए प्रश्न व अन्य कई खामियां सामने आई थी। यही कारण है कि इन विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित की जा रही है।

बता दें यूजीसी नेट 2026 मेन्स की परीक्षा 22 जून 23, 24, 25, 29 और 30 जून 2026 के बीच आयोजित की गई थी। वहीं बीते दिनों 87 में से 84 विषयों की आंसर की जारी कर दी गई है। इस बीच छात्र व अभिभावकों के मन में सवाल है कि आखिर 3 विषयों की परीक्षाओं के प्रश्न पत्र में क्या क्या गलतियां पाई गई थी। यहां आप जान सकते हैं।

UGC NET के 3 विषयों की परीक्षा दोबारा क्यों

बता दें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के संबंध में प्रश्नपत्रों में कई गलतियों को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके बाद NTA ने इन गलतियों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया। समिति ने पाया कि इन तीनों प्रश्नपत्रों में कई तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां थीं। इनमें प्रमुख विद्वानों के नाम गलत लिखना, किताबों के शीर्षकों में गड़बड़ी, प्रश्नों के वाक्य निर्माण में त्रुटियां, व्याकरण संबंधी गलतियां, लिंग और वचन के अनुसार शब्दों के गलत प्रयोग, विराम चिह्नों की गलतियां और स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर मानक शब्दों का इस्तेमाल शामिल था। इसके अलावा, पहले आयोजित किए जा चुके कई प्रश्नों को दोबारा पूछे जाने की समस्या भी सामने आई।

एनटीए ने निष्कर्ष निकाला कि इतनी खामियों वाले प्रश्नपत्र निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा के मानकों को पूरा नहीं करते हैं। इस स्तर की गलतियों को केवल प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया के बाद प्रश्न हटाकर ठीक नहीं किया जा सकता। यही कारण है परीक्षा को दोबारा आयोजित करने का फैसला किया गया है। यहां आप प्वाइंट वाइज प्रश्न पत्र में गलतियों को समझ सकते हैं।

यूजीसी नेट क्वेश्चन पेपर में ये गलतियां

1. विद्वानों के नामों की गलत स्पेलिंग

प्रश्न पत्रों में जाने-माने विद्वानों के नाम गलत लिखे गए थे, जिससे उम्मीदवारों में भ्रम पैदा हो सकता है, खासकर उन विषयों में जहां साइंटिस्ट और उनके काम सिलेबस का अहम हिस्सा होते हैं।

2. किताबों के नामों में गड़बड़ी

यहां कुछ किताबों के नाम गलत तरीके से लिखे गए थे या उनमें गड़बड़ी थी, जिससे स्थापित एकेडमिक कामों से जुड़े सवालों की स्पष्टता पर असर पड़ा।

3. सवालों की भाषा में गलतियां

कमेटी को सवालों के मुख्य हिस्से या भाषा में गलतियां मिली थी। ऐसी गलतियों से इस बात पर असर पड़ सकता है कि उम्मीदवार सवाल का क्या मतलब समझते हैं और नतीजतन, वे जवाब तक कैसे पहुंचते हैं।

4. व्याकरण संबंधी गलतियां

प्रश्न पत्रों में व्याकरण संबंधी गलतियां पाई गई थी, जिनमें लिंग और वचन के तालमेल से जुड़ी समस्याएं शामिल थी।

5. विराम चिह्नों की गलतियां

विराम चिह्नों की गलतियां भी पाई गई थी, जिससे सवालों की स्पष्टता और सटीकता को लेकर चिंताएं बढ़ गई।

6. गैर-मानक शब्द

कमेटी को ऐसे मामले मिले जहां स्थापित कॉन्सेप्ट्स के लिए गैर-मानक या नए शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इससे उन उम्मीदवारों के लिए भ्रम पैदा हो सकता है जो स्वीकृत शब्दावली से परिचित हैं।

7. पिछले साल की परीक्षा के सवाल

प्रश्न पत्र में ऐसे कई प्रश्न पाए गए हैं, जो पिछली परीक्षाओं में पूछे गए सवालों से दोहराए गए थे। प्रश्न पत्रों की निष्पक्षता का आकलन करते समय कमेटी ने इस बात पर भी विचार किया।

8. तथ्यात्मक और अनुवाद संबंधी गलतियां

समीक्षा में तथ्यात्मक गलतियों और अनुवाद से जुड़ी त्रुटियों की भी पहचान की गई, जिससे कुछ सवालों की विश्वसनीयता और स्पष्टता पर और असर पड़ा।

क्या यूजीसी नेट रिजल्ट में होगी देरी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने यूजीसी नेट रिजल्ट को लेकर किसी प्रकार का कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है और न ही इससे संबंधित कोई जानकारी उपलब्ध करवाई है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 84 विषयों के नतीजे का ऐलान जल्द ही किया जा सकता है। आंसर की पर आपत्तियों का निपटारा करने के बाद फाइनल आंसर की तैयार करवाई जाएगी। इसके बाद रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।

यूजीसी नेट की परीक्षा क्यों होती है

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी (UGC NET) देश की प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में शामिल है। इसका आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से किया जाता है। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य योग्य उम्मीदवारों को असिस्टेंट प्रोफेसर बनने और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए पात्रता प्रदान करना है। इसके अलावा यूजीसी नेट के माध्यम से उम्मीदवारों की शोध क्षमता (Reasearch Capability) और संबंधित विषय में उनकी शैक्षणिक योग्यता का आकलन भी किया जाता है।

सालभर में दो बार होती है परीक्षा

बता दें यूजीसी नेट की परीक्षा सालभर में दो बार आयोजित की जाती है। एग्जाम आमतौर पर सालभर में दो बार जून और दिसंबर में हो सकती है। यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से आयोजित की जाती है।

End of Article