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Reliance Result Q4FY26 : मुनाफा 4% घटा, 6 रुपये के डिविडेंड का ऐलान, जानें 5 बड़ी बातें

रिलायंस इंडस्ट्रीज आज तिमाही नतीजे जारी करने के साथ ही 6 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है। तिमाही आधार पर कंपनी का मुनाफा 4 फीसदी घटा है। जबकि, सालाना आधार पर 12.5 फीसदी की कमी आई है।

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रिलायंस के तिमाही नतीजे

KEY HIGHLIGHTS
  • कंसोलिडेटेड प्रॉफिट गिरा: कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹16,971 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹19,407 करोड़ से 13% कम है।
  • रेवेन्यू मजबूत रहा: तिमाही में रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹2.98 लाख करोड़ पहुंचा, जिससे टॉपलाइन ग्रोथ बनी रही।
  • डिविडेंड का ऐलान: बोर्ड ने FY26 के लिए ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है।
  • Jio ने शानदार प्रदर्शन किया: Jio का रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹44,928 करोड़ और प्रॉफिट 13% बढ़कर ₹7,935 करोड़ रहा। EBITDA भी 18% बढ़ा।
  • O2C और oil-gas दबाव में रहे: O2C का EBITDA 4% घटकर ₹14,520 करोड़ रह गया, जबकि ऑयल एंड गैस का रेवेन्यू 9% और EBITDA 18% गिरा।
  • Reliance Result Q4FY26 : Mukesh Ambani के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q4FY26 नतीजों में ग्रोथ और दबाव दोनों की झलक दिखी। कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन मुनाफा सालाना और तिमाही दोनों आधार पर गिर गया है। तिमाही आधार पर मुनाफे में जहां करीब 4 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, सालाना आधार पर यह गिरावट डबल डिजिट में पहुंच गई है। O2C सेगमेंट की कमजोरी सबसे बड़ा कारण रही, जबकि Jio और रिटेल ने कुछ हद तक संतुलन बनाया।

    रिलायंस के Q4 नतीजे मिक्स्ड रहे। रेवेन्यू में ग्रोथ दिखी, लेकिन O2C की कमजोरी के चलते मुनाफा दबाव में रहा। Jio और रिटेल ने सहारा दिया, लेकिन आने वाले समय में मार्जिन रिकवरी ही स्टॉक की दिशा तय करेगी।

    मुनाफा 12% घटा, रेवेन्यू में बढ़त

    रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट मार्च तिमाही (Q4FY26) में ₹16,971 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹19,407 करोड़ से करीब ₹2,436 करोड़ कम है। यानी सालाना आधार पर मुनाफे में करीब 12.5% की गिरावट दर्ज हुई। वहीं ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹2,69,496 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹2,64,573 करोड़ से हल्की बढ़त दिखाता है। तिमाही आधार पर देखें, तो दिसंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹18,645 करोड़ रहा था। इस तरह तिमाही से तिमाही आधार पर प्रॉफिट 3.9% घटा है।

    RIL Q4 Result

    रिलायंस के नतीजे

    O2C सेगमेंट ने बढ़ाया दबाव

    कंपनी के नतीजों पर सबसे बड़ा असर ऑयल-टू-केमिकल (O2C) सेगमेंट की कमजोरी का रहा। कमजोर ग्लोबल डिमांड, रिफाइनिंग मार्जिन में गिरावट और केमिकल स्प्रेड्स में नरमी के चलते ऑपरेटिंग मार्जिन दबाव में रहे, जिसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ा।

    Jio और रिटेल ने संभाला मोर्चा

    जहां O2C दबाव में रहा, वहीं डिजिटल सर्विसेज (Jio) ने मजबूत सब्सक्राइबर ग्रोथ और ARPU सुधार के जरिए स्थिर कमाई बनाए रखी। रिटेल बिजनेस में भी कंजम्प्शन डिमांड बनी रही, जिससे ग्रोथ सपोर्ट मिला। इन दोनों सेगमेंट्स ने कुल प्रदर्शन को संतुलित करने में अहम भूमिका निभाई।

    ₹6 डिविडेंड का ऐलान

    कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर पर ₹6 डिविडेंड की सिफारिश की है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    ऑयल टू केमिकल प्रदर्शन मिश्रित

    Q4FY26 में O2C सेगमेंट का प्रदर्शन मिश्रित रहा। रेवेन्यू 12% बढ़कर करीब ₹1.84 लाख करोड़ पहुंचा, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव दिखा और EBITDA 4% घटकर ₹14,520 करोड़ रह गया। बढ़ती क्रूड कीमतें, ऊंची फ्रेट और इंश्योरेंस लागत, कमजोर केमिकल स्प्रेड्स और विंडफॉल टैक्स जैसे फैक्टर्स ने मार्जिन को प्रभावित किया, जिससे यह सेगमेंट पूरे नतीजों पर बोझ बना।

    डिजिटल बिजनेस का शानदार प्रदर्शन

    डिजिटल बिजनेस ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। Q4 में Jio का रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹44,928 करोड़ और प्रॉफिट 13% बढ़कर ₹7,935 करोड़ रहा। EBITDA में 18% की मजबूत बढ़त दर्ज हुई और ARPU बढ़कर ₹214 पहुंच गया। सब्सक्राइबर में 9.1 मिलियन की बढ़त और डेटा खपत में तेजी ने इस सेगमेंट को कंपनी का सबसे मजबूत ग्रोथ इंजन बनाए रखा।

    रिटेल में ग्रोथ जारी

    रिटेल बिजनेस में स्थिर लेकिन मजबूत ग्रोथ देखने को मिली। Q4 में रेवेन्यू 11% बढ़कर ₹87,344 करोड़ और नेट प्रॉफिट हल्की बढ़त के साथ ₹3,563 करोड़ रहा। EBITDA 3% बढ़कर ₹6,690 करोड़ पहुंचा। कंपनी ने तिमाही में 333 नए स्टोर जोड़े और कुल स्टोर नेटवर्क 20,160 तक पहुंच गया, जबकि ग्राहक आधार 387 मिलियन हो गया, जो मजबूत कंजम्प्शन ट्रेंड को दर्शाता है।

    ऑयल एंड गैस में कमजोरी

    इस सेगमेंट का प्रदर्शन कमजोर रहा। रेवेन्यू 9% घटकर ₹5,867 करोड़ और EBITDA 18% गिरकर ₹4,195 करोड़ रह गया। कमजोर गैस प्राइस रियलाइजेशन, KG-D6 बेसिन में उत्पादन दबाव और सरकारी लेवी बढ़ने से मार्जिन प्रभावित हुए, जिससे यह सेगमेंट कुल प्रदर्शन पर निगेटिव असर डालता दिखा।

    मीडिया और एंटरटेनमेंट में ग्रोथ

    मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म सेगमेंट ने भी मजबूत ग्रोथ दिखाई। Q4 में रेवेन्यू ₹9,784 करोड़ और EBITDA ₹827 करोड़ रहा। JioHotstar जैसे प्लेटफॉर्म पर 500 मिलियन मासिक यूजर्स और बड़े इवेंट्स के दौरान रिकॉर्ड व्यूअरशिप ने डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूती दी, जिससे कंपनी के नए ग्रोथ एरिया का संकेत मिला।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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