Reliance Capital Insurance Units Listing: हिंदुजा ग्रुप की इंवेस्टमेंट यूनिट इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (IIHL) ने अनिल अंबानी की रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इसके साथ ही कर्ज में डूबी इस कंपनी की तीन साल लंबी रेजोल्यूशन प्रोसेस पूरी हो गई है। IIHL ने रिलायंस कैपिटल की बीमा यूनिट्स को लिस्ट करने की योजना बनाई है। फाइनेंशियल सर्विस फर्म को खरीदने के लिए लेनदेन पूरा होने के बाद, लिस्टिंग दो से तीन साल में की जाएगी।
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शेयरों की डीलिस्टिंग के लिए किया था आवेदन
IIHL के चेयरमैन अशोक हिंदुजा के अनुसार वैल्यू क्रिएशन के दो साल बाद ऐसा (लिस्टिंग) हो सकता है। रिलायंस कैपिटल की बीमा कंपनियों की लिस्टिंग के बारे में उन्होंने बताया कि अनिल अंबानी की रिलायंस कैपिटल एक डायवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विस कंपनी थी, जो एसेट मैनेजमेंट, बीमा (लाइफ और जनरल), कमर्शियल और होम फाइनेंस, ब्रोकिंग और एसेट रिकंस्ट्रक्शन समेत विभिन्न गतिविधियों में लगी हुई थी।
इस साल फरवरी की शुरुआत में, रिलायंस कैपिटल ने एक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए बताया था कि इसने अपने शेयरों की डीलिस्टिंग के लिए एनएसई और बीएसई के पास आवेदन दाखिल किया है।
एस्क्रो खाते में फंड ट्रांसफर
मंगलवार को IIHL ने कहा कि इसने बोली की राशि कर्जदाता के एस्क्रो खाते में ट्रांसफर कर दी है। मैनेजमेंट का टेकओवर बुधवार (19 मार्च) को हो गया। मॉरीशस स्थित आईआईएचएल रिलायंस कैपिटल (आरसीएपी) के रेजोल्यूशन के लिए 9,650 करोड़ रुपये की बोली लगाकर सफल दावेदार के रूप में उभरी।
बाद में, कंपनी ने रिलायंस कैपिटल की सॉल्वेंसी को मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो बोली राशि से अधिक था।
रिलायंस कैपिटल के बीमा कारोबार की वैल्यू
आईआईएचएल के चेयरमैन अशोक हिंदुजा के अनुसार, अब वैल्यू क्रिएशन की यात्रा शुरू होगी। वहीं परंपरागत आधार पर रिलायंस कैपिटल के बीमा कारोबार की वैल्यू 20,000 करोड़ रुपये होगा।
