Vedanta Steel Unit, Anil Agarwal: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने संकेत दिया है कि अगर सही दाम की पेशकश की जाए तो वेदांता अपना स्टील कारोबार बेचने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने अपने मेन बिजनेस ''माइनिंग'' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उनका ये बयान ऐसे समय पर जब वेदांता अपने डीमर्जर प्लान को लागू करने की तैयारी कर रही है। 2023 में वेदांता के बोर्ड ने कंपनी को छह अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटने को मंजूरी दी थी। इनमें वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर, वेदांता स्टील एंड फेरस मैटेरियल्स, वेदांता बेस मेटल्स और वेदांता शामिल होगी।
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कितनी है अनिल अग्रवाल की नेटवर्थ
फोर्ब्स के अनुसार अनिल अग्रवाल की नेटवर्थ 37124 करोड़ रु है। सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के अनुसार अग्रवाल ने कहा है कि अगर हमें सही कीमत मिलती है, तो हम इस समय स्टील बिजनेस बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्टील कभी भी हमारा मेन कारोबार नहीं रहा। हम 1.01 मिलियन टन उत्पादन कर रहे हैं और हमारे पास ESL Steel है, जो एक मजबूत कंपनी है।
कितनी है ESL Steel की क्षमता
अग्रवाल ने कहा है कि ESL Steel इलेक्ट्रिकल और स्पेशल स्टील समेत 15 मिलियन टन स्टील का उत्पादन करने की क्षमता रखती है। कंपनी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है और कैश प्रॉफिट कमा रही है, इसलिए हम सहज हैं। हालाँकि, मैं अपने प्रयासों को अन्य व्यवसायों पर केंद्रित करना पसंद करूँगा।
कर्ज घटाने का प्लान
अग्रवाल ने कर्ज में कमी के लिए वेदांता के रोडमैप को पेश करते हुए कहा कि कंपनी अगले तीन वर्षों में अपने कर्ज में 3.5 अरब डॉलर की कटौती करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, "हम 2025 में 1 बिलियन डॉलर, उसके बाद 2026 में 1 बिलियन डॉलर और 2027 में 1.5 बिलियन डॉलर का कर्ज कम करेंगे।"
