फरवरी 2026 में सिल्वर ETF कैटेगरी में 28 महीने बाद पहली बार निवेशकों ने पैसा निकाला। आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान करीब 826 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया। इससे पहले सिल्वर ETF में लगातार निवेश आ रहा था, लेकिन फरवरी में निवेशकों ने मुनाफावसूली और पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग के चलते पैसा निकालना शुरू किया। बाजार में उतार-चढ़ाव और कमोडिटी की कीमतों में अस्थिरता भी इसके पीछे एक वजह मानी जा रही है।
गोल्ड ETF इनफ्लो में 78% की गिरावट
फरवरी में गोल्ड ETF में निवेश जारी रहा, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी हो गई। Association of Mutual Funds in India (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 में गोल्ड ETF में करीब 5,255 करोड़ रुपये का इनफ्लो आया। यह जनवरी में आए 24,039.96 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 78% कम है। जनवरी में गोल्ड ETF में रिकॉर्ड निवेश हुआ था, जिससे यह कैटेगरी लगभग इक्विटी म्यूचुअल फंड के इनफ्लो के बराबर पहुंच गई थी।
जनवरी से बदला ट्रेंड
फरवरी में गोल्ड ETF में इनफ्लो कम जरूर हुआ, लेकिन निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी मजबूत बनी हुई है। जनवरी में साल की शुरुआत के साथ निवेशकों ने बड़े पैमाने पर पोर्टफोलियो अलोकेशन किया था। ऐसे में फरवरी के आंकड़े अपेक्षाकृत कमजोर दिख रहे हैं। इसके अलावा कुछ निवेशकों ने तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग भी की।
पैसिव फंड में भी घटा कुल निवेश
पैसिव फंड कैटेगरी में भी फरवरी में निवेश घटा है। इसमें इंडेक्स फंड, गोल्ड ETF, अन्य ETF और विदेशी फंड में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स शामिल हैं। फरवरी में इन कैटेगरी में कुल 13,879 करोड़ रुपये का इनफ्लो आया, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा 39,954 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर था। दिसंबर में यह करीब 11,000 करोड़ रुपये रहा था।
किन कैटेगरी में आया पैसा
फरवरी में जहां सिल्वर ETF में आउटफ्लो दिखा, वहीं कुछ अन्य पैसिव कैटेगरी में निवेश जारी रहा। इंडेक्स फंड में करीब 3,233 करोड़ रुपये का इनफ्लो आया। वहीं अन्य ETF में करीब 4,487 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया। विदेशी बाजारों में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स में भी करीब 904 करोड़ रुपये का इनफ्लो देखने को मिला।
गोल्ड का आकर्षण बरकरार
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की अस्थिरता और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच गोल्ड निवेशकों के लिए अब भी सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन, बेहतर लिक्विडिटी और पारदर्शिता के कारण गोल्ड ETF में निवेश का आकर्षण बना हुआ है। इसलिए फरवरी की गिरावट को ट्रेंड बदलने के बजाय जनवरी की असाधारण तेजी के बाद सामान्य स्थिति माना जा रहा है।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
