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किसानों की होगी मौज! RBI बदलने जा रहा है KCC के नियम; मिलेगा ज्यादा लोन और 6 साल का समय

किसानों को आसान और बेहतर ऋण सुविधा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना में अहम बदलाव की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत KCC की अवधि बढ़ाकर 6 साल करने और लोन सीमा को अधिक व्यावहारिक बनाने पर विचार किया जा रहा है।

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किसान क्रेडिट कार्ड के बदलने जा रहे नियम (Photo: iStock)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सिस्टम में एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है, जिसका उद्देश्य खेती से जुड़े कर्ज के ढांचे को और अधिक सरल, मददगार और किसान-अनुकूल बनाना है। RBI ने इस योजना की व्यापक समीक्षा पूरी कर दी है और अब बैंकों के लिए इंटीग्रेटेड और अपडेटेड गाइडलाइन्स जारी करने की तैयारी में है, जिससे क्रॉप लोन के आकलन, मंजूरी और इस्तेमाल के तरीके में सुधार होगा।

KCC की अवधि छह साल तक

सबसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों में से एक KCC की अवधि को छह साल तक बढ़ाना है। इसका मतलब है कि किसान अब अपने क्रेडिट कार्ड के तहत मिलने वाले लोन को लंबे समय तक इस्तेमाल कर सकेंगे और चुकाने के लिए अधिक समय पा सकते हैं। इससे किसानों के लिए खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए वित्तीय योजना बनाना आसान होगा, खासकर उन फसलों या आय स्रोतों में जहां समय ज्यादा लगता है।

लोन लिमिट Scale of Finance से जुड़ेगी

RBI का सुझाव यह भी है कि लोन लिमिट को Scale of Finance से जोड़ा जाए। इसका मतलब यह है कि किसानों को उनके वास्तविक खेती के खर्चों के अनुरूप अधिक सटीक और पर्याप्त क्रेडिट मिलता रहेगा, न कि एक स्थिर सीमित राशि के आधार पर। इससे खेतों में फसल बोने, खाद-बीज खरीदने या उत्पादन के अन्य खर्चों में मदद मिलने की संभावना बढ़ेगी।

कृषि-प्रौद्योगिकी टूल्स भी KCC लोन के तहत

एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब टेक्नोलॉजी से जुड़े खर्चों जैसे आधुनिक कृषि उपकरण, स्मार्ट कृषि उपकरण और अन्य कृषि-प्रौद्योगिकी टूल्स को भी KCC लोन के तहत शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे किसान न केवल पारंपरिक तरीके से खेती कर पाएंगे, बल्कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादकता और आय दोनों बढ़ा सकेंगे।

बैंकों को भी होगी आसानी

इन प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के साथ, RBI का लक्ष्य यह है कि KCC के नियमों में एक सुसंगत, पारदर्शी और किसान-केन्द्रित ढांचा बनाया जाए। इससे क्रॉप लोन का आकलन, वितरण और भुगतान आसान होगा और बैंकों को भी सही ढंग से लोन प्रबंधन में मदद मिलेगी।

MISS के तहत सरकार का समर्थन रहेगा जारी

इसके अलावा, अभी भी Modified Interest Subvention Scheme (MISS) के तहत सरकार का समर्थन जारी रहेगा। इसके तहत किसान KCC लोन पर 7% ब्याज पर समर्थित हैं, जिसमें अगर समय पर चुकाया जाता है तो अतिरिक्त प्रांप्ट रिटर्न इंसेंटिव के साथ प्रभावी ब्याज दर और भी कम हो सकती है।

KCC लोन बनेगा ज्यादा सफल

अगर ये प्रस्ताव लागू होते हैं तो किसान समुदाय के लिए KCC लोन ज्यादा सफल, लचीला और उपयोगी साधन बन सकता है, जो उन्हें जमीन पर उत्पादन लागत, तकनीकी खर्च और बेहतर वित्तीय योजना को लेकर मजबूत बनाएगा।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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