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RBI के पास 880 मीट्रिक टन सोना, लेकिन देश के मंदिरों और घरों में कितना? सरकार ने संसद में दिया जवाब

India gold holdings: आरबीआई के पास 26 जून 2026 तक 880.52 मीट्रिक टन स्वर्ण भंडार था। हालांकि, सरकार ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों और परिवारों के पास मौजूद सोना कितना है।

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आरबीआई के पास 880 मीट्रिक टन सोना तो धार्मिक स्थानों में कितना? सरकार ने राज्यसभा में दी ये जानकारी

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India gold holdings : भारत के केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास वर्तमान में कुल कितना सोना है और देश के धार्मिक स्थलों व आम परिवारों के पास कितना स्वर्ण भंडार मौजूद है? इस सवाल को लेकर संसद (राज्यसभा) में केंद्र सरकार से जानकारी मांगी गई थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आरबीआई के पास तो सोने का आधिकारिक और सटीक आंकड़ा मौजूद है, लेकिन देश के मंदिरों, ट्रस्टों या लोगों के घरों में रखे सोने का कोई सरकारी सर्वे या रिकॉर्ड नहीं है।

RBI के पास रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा स्वर्ण भंडार

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए बताया कि 26 जून 2026 तक की स्थिति के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन स्वर्ण भंडार (Gold Reserve) जमा था। उन्होंने पिछले सालों के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि देश का स्वर्ण भंडार लगातार बढ़ा है:

  • 31 मार्च 2024: 822.10 मीट्रिक टन
  • 31 मार्च 2025: 879.58 मीट्रिक टन
  • 26 जून 2026: 880.52 मीट्रिक टन

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि आरबीआई ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती देने के लिए पिछले दो वर्षों में भारी मात्रा में सोना खरीदा है। किसी भी देश के केंद्रीय बैंक के लिए सोना आपातकालीन स्थितियों में आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय मुद्रा को मजबूती प्रदान करने का सबसे भरोसेमंद माध्यम माना जाता है।

धार्मिक स्थानों और आम परिवारों के सोने का कोई सरकारी हिसाब नहीं

संसद में वित्त राज्य मंत्री से यह भी पूछा गया था कि क्या सरकार ने देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों (जैसे प्रमुख मंदिरों और मठों) और आम भारतीय परिवारों के पास जमा सोने का पता लगाने के लिए कोई अध्ययन या सर्वे कराया है? इसके जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग (DEA) या सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से ऐसा कोई अध्ययन या सर्वे नहीं कराया गया है। इसका मतलब यह है कि देश के प्रसिद्ध मंदिरों या भारतीय घरों में कुल कितना सोना मौजूद है, इसका कोई आधिकारिक सरकारी आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

क्यों खास है भारत के संदर्भ में सोने का यह आंकड़ा?

भारत में सोना केवल एक धातु या निवेश का साधन नहीं है, बल्कि इसका बहुत गहरा सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक महत्व है। देश के बड़े मंदिरों जैसे तिरुपति बालाजी, पद्मनाभस्वामी मंदिर और सिद्धविनायक मंदिर में सदियों से भक्तों द्वारा भारी मात्रा में सोना दान किया जाता रहा है।

इसके अलावा भारतीय परिवारों में शादी-विवाह, त्यौहारों और पारंपरिक अवसरों पर सोना खरीदने और पीढ़ी-दर-पीढ़ी इसे सुरक्षित रखने की पुरानी परंपरा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार विश्लेषकों और गैर-सरकारी एजेंसियों का अनुमान रहता है कि भारतीय परिवारों और धार्मिक संस्थानों के पास दुनिया का सबसे बड़ा सोने का निजी भंडार हो सकता है। हालांकि, सरकार के पास इसका कोई प्राथमिक या प्रामाणिक डेटा दर्ज नहीं है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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