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बंद हुआ एक और बैंक! RBI ने क्यों छीना लाइसेंस, आपके जमा पैसों का क्या होगा?

Karwar Urban Co operative Bank license cancelled: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पूंजी की कमी और कमाई की संभावनाएं न होने के कारण कर्नाटक स्थित कारवार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। बैंक 23 जुलाई, 2025 से कामकाज बंद कर देगा। आरबीआई ने सहकारी समितियों के रजिस्टार से बैंक को बंद करने और परिसमापक नियुक्त करने का अनुरोध किया है।

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कारवार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द (तस्वीर-Canva)

Karwar Urban Co operative Bank license cancelled: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्नाटक के कारवार में स्थित कारवार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई के अनुसार, बैंक के पास न तो पर्याप्त पूंजी है और न ही भविष्य में कमाई की कोई उचित संभावना। यह निर्णय बैंकिंग रेगुलेटिंग एक्ट, 1949 के सेक्शन 56 के साथ पठित सेक्शन 36(1)(a) के तहत लिया गया है।

23 जुलाई 2025 से बैंकिंग गतिविधियां बंद

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक RBI ने बुधवार को एक बयान जारी कर बताया कि बैंक 23 जुलाई, 2025 से सभी प्रकार की बैंकिंग सेवाएं देना बंद कर देगा। इसके साथ ही, ‘सहकारी समितियों के रजिस्टार, कर्नाटक’ से बैंक को आधिकारिक रूप से बंद करने और उसके लिए एक परिसमापक (लिक्विडेटर) नियुक्त करने का अनुरोध किया गया है।

जमाकर्ताओं को बीमा के तहत सुरक्षा

परिसमापन की स्थिति में, बैंक के जमाकर्ताओं को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के जरिये अधिकतम 5 लाख रुपये तक की जमा बीमा राशि प्राप्त होगी। बैंक द्वारा आरबीआई को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 92.9% जमाकर्ता अपनी जमा राशि की पूरी वापसी पाने के पात्र हैं।

37.79 करोड़ रुपये का बीमा भुगतान पहले ही किया गया

RBI ने यह भी जानकारी दी कि DICGC ने 30 जून, 2025 तक कुल बीमित जमाओं में से 37.79 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। यह कदम जमाकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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