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RBI Gold Reserve: जमकर सोना खरीद रहा RBI, महंगाई-रुपए के लिए बहुत जरूरी, 1991 से जुड़ा ये वाकया भी अहम

RBI Gold Reserve: वित्त वर्ष 2024-25 में अप्रैल से सितंबर के दौरान आरबीआई कुल 32.63 टन सोना खरीद चुका है। इससे भारत का गोल्ड रिजर्व 52.67 अरब डॉलर से बढ़कर 65.74 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का 324.01 मीट्रिक टन गोल्ड बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास है।

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आरबीआई अधिक सोना खरीद रहा है

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KEY HIGHLIGHTS
  • RBI खरीद रहा जमकर सोना
  • महंगाई-रुपए के लिए है अहम
  • फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व के लिए भी जरूरी

RBI Gold Reserve: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सोने की खरीदारी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसके पीछे का कारण हैं, जिनमें गिरते रुपये को सहारा देना शामिल है। आरबीआई का टारगेट FY25 के अंत तक 50 टन सोना खरीदने का है। केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार को भी बढ़ा रहा है। साथ ही आरबीआई डॉलर के मुकाबले रुपए में उतार-चढ़ाव को भी कम करना चाहता है। आरबीआई पिछले साल अक्टूबर से ही सोने की खरीदारी में वृद्धि कर चुका है। सोने की खरीदारी बढ़ाने से फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में गोल्ड का हिस्सा काफी अधिक और मजबूत हो जाएगा। फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व के में गोल्ड रिजर्व का हिस्सा सितंबर में रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। इससे डॉलर के मुकाबले रुपये को सहारा मिला। ये वे तमाम कारण हैं, जिनके चलते आरबीआई पहले से अधिक सोना खरीद रहा है।

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महंगाई से निपटने में कारगर

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई का कहना है कि इसका गोल्ड रिजर्व मुख्य रूप से फॉरेन करेंसी एसेट्स के पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन लाने और मुद्रास्फीति और करेंसी से जुड़े जोखिमों से सुरक्षा देने में सहायक है।

कितना सोना खरीद लिया

वित्त वर्ष 2024-25 में अप्रैल से सितंबर के दौरान आरबीआई कुल 32.63 टन सोना खरीद चुका है। इससे भारत का गोल्ड रिजर्व 52.67 अरब डॉलर से बढ़कर 65.74 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का 324.01 मीट्रिक टन गोल्ड बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास है।

जब गिरवी रखना पड़ा था सोना

भारत के लिए सोना बहुत अहम है। दरअसल 1991 में भारत को डिफॉल्टर होने से बचने के लिए अपना 87 टन सोना गिरवी रखना पड़ा था। तब भारत को इमर्जेंसी के लिए फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व मिला जिससे आयात के लिए विदेशी करेंसी की पेमेंट हो पाई।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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