Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई ने सोमवार को भोपाल की सीबीआई कोर्ट में अपनी 636 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट के अनुसार, ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं।
ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर सबसे पहले भोपाल के कटारा हिल्स थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। यह एफआईआर 15 मई 2026 को दर्ज की गई। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार के अनुरोध पर मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने 25 मई 2026 को केस को दोबारा दर्ज कर जांच शुरू की। सीबीआई की एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 लगाई गई थीं। अंतिम रिपोर्ट में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 का भी उल्लेख किया गया है।
12 मई की रात क्या हुआ था?
सीबीआई की चार्जशीट के ‘मामले के संक्षिप्त तथ्य’ के मुताबिक, ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात अपने ससुराल स्थित घर की छत पर फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं। दस्तावेज में घटना का संभावित समय रात करीब 10:20 बजे से 10:35 बजे के बीच बताया गया है। जांच के दौरान सीबीआई ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और उसका रफ स्केच तैयार किया। चार्जशीट में घटनास्थल की तस्वीरों के साथ अन्य दस्तावेज और विशेषज्ञ रिपोर्ट भी शामिल किए गए हैं।
पति और सास पर क्या है आरोप?
सीबीआई की जांच में आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद ट्विशा को उनके पति समर्थ सिंह की ओर से मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। चार्जशीट के मुताबिक समर्थ ने कथित तौर पर ट्विशा के पुराने रिश्तों को लेकर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
सीबीआई के अनुसार ट्विशा ने शादी से पहले अपने पुराने रिश्तों के बारे में समर्थ को जानकारी दी थी। जांच रिपोर्ट में आरोप है कि इसके बावजूद शादी के बाद इन बातों को लेकर उन्हें कथित मानसिक प्रताड़ना दी गई। वहीं, ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह पर आरोप है कि वह कथित तौर पर अपने बेटे का पक्ष लेती थीं और समर्थ को ट्विशा के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना देने के लिए उकसाती थीं। CBI ने दोनों आरोपियों पर साझा मंशा के तहत ट्विशा को मानसिक और मनोवैज्ञानिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है।
पिता को हार्ट अटैक आया तो क्या हुआ?
सीबीआई की चार्जशीट में ट्विशा के पिता की तबीयत का भी उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 में ट्विशा के पिता को हार्ट अटैक आया था। इसके बाद ट्विशा उनकी देखभाल के लिए उनके साथ रहीं।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक इसी दौरान आरोपियों की ओर से ट्विशा पर भोपाल लौटने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई। CBI के अनुसार कथित दबाव के बाद ट्विशा 24 मार्च 2026 को भोपाल वापस लौटी थीं।
ऑनलाइन डेटिंग ऐप से शुरू हुई थी मुलाकात
सीबीआई की जांच के मुताबिक ट्विशा और समर्थ सिंह की मुलाकात फरवरी 2025 में एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। मार्च 2025 में ट्विशा ने अपने परिवार को बताया कि वह समर्थ को डेट कर रही हैं और उससे शादी करना चाहती हैं। रिपोर्ट में समर्थ सिंह को भोपाल में वकील बताया गया है। दोनों परिवारों की सहमति के बाद शादी की तारीख 9 दिसंबर 2025 तय हुई थी। इससे पहले 12 मई 2025 को ग्रेटर नोएडा में दोनों की रोका रस्म हुई थी।
इसके बाद 9 दिसंबर 2025 को दिल्ली के सिग्नल वटिका में हिंदू रीति-रिवाज से दोनों की शादी हुई। चार्जशीट के अनुसार शादी का खर्च ट्विशा के परिवार के सदस्यों ने उठाया था। शादी के बाद ट्विशा भोपाल स्थित ससुराल चली गई थीं।
एक्टिंग से एमबीए और कॉर्पोरेट जॉब तक का सफर
सीबीआई की जांच में ट्विशा की निजी और पेशेवर जिंदगी का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 34 वर्षीय ट्विशा ने 2012 में मिस पुणे का खिताब जीता था। इसके बाद उन्होंने कई प्रोफेशनल एक्टिंग कोर्स किए और बॉलीवुड में अवसर तलाशने के लिए मुंबई में रहीं। बाद में वह हैदराबाद चली गईं, जहां उन्होंने दो साउथ इंडियन फिल्मों में काम किया। कोविड-19 के बाद ट्विशा नोएडा चली गईं और एनएमआईएमएस से ऑनलाइन एमबीए की पढ़ाई की।
किन धाराओं में दाखिल हुई चार्जशीट?
सीबीआई की फाइनल रिपोर्ट में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 80(2), 85, 108 और 3(5) का उल्लेख है। इसके अलावा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत भी कार्रवाई की गई है। चार्जशीट में दोनों आरोपियों को चार्ज शीटेड बताया गया है। दस्तावेज के अनुसार दोनों न्यायिक हिरासत में हैं।
सीबीआई ने अपनी जांच को केवल 12 मई की रात हुई मौत की घटना तक सीमित नहीं रखा। चार्जशीट में ट्विशा और समर्थ की मुलाकात, शादी से पहले की घटनाएं, रोका और विवाह, शादी के बाद के कथित विवाद, ट्विशा का करियर, उनके पिता की तबीयत और घटना वाले दिन की परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया है। जांच दस्तावेजों में घटनास्थल का रफ स्केच, तस्वीरें, गवाहों की सूची, दस्तावेजों की सूची और विशेषज्ञों की रिपोर्ट शामिल हैं।
