Property Buying Tips : अपना घर या जमीन खरीदना हर इंसान का एक बड़ा सपना होता है। लोग अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई और पाई-पाई जोड़कर अपने सपनों का आशियाना खरीदते हैं। लेकिन, रियल एस्टेट (Real estate investment) के बाजार में जानकारी के अभाव में कई बार लोग धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। बिल्डर या विक्रेता द्वारा छुपाई गई कोई छोटी सी जानकारी भी आपके लिए भविष्य में बड़ी कानूनी परेशानी खड़ी कर सकती है और आपका पूरा पैसा डूब सकता है। इसलिए, किसी भी संपत्ति में निवेश करने से पहले अत्यधिक सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है। अगर आप भी कोई फ्लैट, प्लॉट या कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो सिर्फ लोकेशन और कीमत देखकर ही डील पक्की न करें। किसी भी संपत्ति का सौदा करने से पहले उसके कागजातों की गहरी कानूनी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें। यहां हम आपको उन 7 सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं, जिनकी जांच प्रॉपर्टी खरीदने से पहले अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए:-
1. टाइटल डीड (Title Deed)
यह किसी भी प्रॉपर्टी का सबसे अहम दस्तावेज होता है। टाइटल डीड यह साबित करता है कि जो व्यक्ति आपको संपत्ति बेच रहा है, वही उसका वास्तविक और कानूनी मालिक है या नहीं। इस बात की हमेशा पुष्टि करें कि संपत्ति के स्वामित्व (Ownership) को लेकर कोई विवाद तो नहीं चल रहा है। बेहतर होगा कि आप पिछले 15 से 20 सालों का प्रॉपर्टी रिकॉर्ड चेक करें ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संपत्ति का हस्तांतरण किन-किन लोगों के बीच हुआ है।
2. एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट (Encumbrance Certificate - EC)
एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट यानी भारमुक्त प्रमाण पत्र यह सुनिश्चित करता है कि आप जो प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, उस पर कोई बकाया कानूनी या वित्तीय देनदारी (जैसे बैंक लोन या गिरवी) तो नहीं है। यह सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। यह दस्तावेज़ इस बात की गारंटी देता है कि प्रॉपर्टी पूरी तरह से फ्रीहोल्ड है और इसे खरीदने के बाद आपको किसी पुराने मालिक का कर्ज नहीं चुकाना पड़ेगा।
3. सेल डीड (Sale Deed)
सेल डीड वह मुख्य कानूनी दस्तावेज है जो संपत्ति की बिक्री और स्वामित्व के हस्तांतरण को प्रमाणित करता है। इसी दस्तावेज के आधार पर आप भविष्य में उस प्रॉपर्टी के कानूनी मालिक माने जाते हैं। प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन कराने से पहले सेल डीड के ड्राफ्ट को अच्छी तरह से पढ़ लेना चाहिए। इसमें नियम, शर्तें, प्रॉपर्टी का विवरण और पेमेंट का तरीका स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।
4. बिल्डिंग अप्रूवल प्लान (Building Approval Plan)
अगर आप कोई बना हुआ घर या निर्माणाधीन फ्लैट खरीद रहे हैं, तो यह चेक करना बेहद जरूरी है कि उस इमारत का नक्शा (Plan) स्थानीय नगर निगम या विकास प्राधिकरण से पास है या नहीं। कई बार बिल्डर बिना मंजूरी के अतिरिक्त फ्लोर या अवैध निर्माण कर लेते हैं, जिसे बाद में प्रशासन द्वारा तोड़ा जा सकता है। अप्रूव्ड लेआउट प्लान देखने से आप इस खतरे से बच सकते हैं।
5. कमेंसमेंट सर्टिफिकेट (Commencement Certificate)
यह सर्टिफिकेट स्थानीय अधिकारियों द्वारा बिल्डर को तब दिया जाता है, जब वह सभी जरूरी कानूनी मंजूरियां प्राप्त कर लेता है। यह सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि बिल्डर ने कानूनी रूप से निर्माण कार्य शुरू किया है। यदि आप किसी निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में घर बुक कर रहे हैं, तो बिल्डर से कमेंसमेंट सर्टिफिकेट की मांग जरूर करें, अन्यथा वह प्रोजेक्ट अवैध माना जा सकता है।
6. नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC)
किसी भी हाउसिंग प्रोजेक्ट को बनाने के लिए बिल्डर को कई सरकारी विभागों से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) लेना पड़ता है। इनमें मुख्य रूप से जल बोर्ड, बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग (Fire Department) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शामिल हैं। यह सुनिश्चित करें कि आपके बिल्डर ने ये सभी आवश्यक एनओसी प्राप्त कर ली हैं, ताकि भविष्य में बिजली, पानी या सुरक्षा को लेकर कोई समस्या न आए।
7. कंप्लीशन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (CC & OC)
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद नगर निगम द्वारा कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC) जारी किया जाता है, जो यह बताता है कि बिल्डिंग का निर्माण तय मानकों और स्वीकृत नक्शे के अनुसार हुआ है। इसके बाद ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) मिलता है, जिसका मतलब है कि यह इमारत अब रहने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है और इसमें बिजली, पानी और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। बिना OC वाले फ्लैट में शिफ्ट होना गैरकानूनी हो सकता है।
प्रॉपर्टी खरीदना एक लंबा और जटिल प्रोसेस है। भावनाओं में बहकर या जल्दबाजी में कोई भी फैसला न लें। इन 7 दस्तावेजों की खुद जांच करें और यदि आपको कानूनी दस्तावेजों की भाषा समझने में कोई भी परेशानी आ रही है, तो किसी अनुभवी प्रॉपर्टी वकील (Property Lawyer) की सलाह लेने में संकोच न करें। आपकी थोड़ी सी सतर्कता आपके जीवन भर की कमाई को सुरक्षित रख सकती है।
