PPF vs EPF vs NPS: EPF, PPF और NPS रिटायरमेंट के लिए पैसे जमा करने के बेस्ट इन्वेस्टमेंट स्कीम मानी जाती है। आमतौर पर सैलरीपेशा लोग रिटायरमेंट के बाद पैसे की जरूरत को पूरा करने के लिए इन स्कीम में निवेश करते हैं। अब सवाल उठता है कि इन स्कीम में कौन सबसे बेस्ट है? कहां निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होगा? अगर आप भी इन सभी सवालों का जवाब ढूंढ रहे हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपके रिटायरमेंट प्लानिंग को और बेहतर बनाने के लिए सही सलाह दे रहे हैं।
PPF (पब्लिक प्रोविडेंड फंड)
- PPF एक सरकारी गारंटी वाली लॉन्ग टर्म सेविंग स्कीम है।
- निवेश की अवधि: 15 साल (आगे बढ़ाई जा सकती है)। अभी 7.1% सालाना की दर से मिल रहा।
- ब्याज दर: सरकार हर तिमाही तय करती है।
- टैक्स छूट: EEE (निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी-तीनों टैक्स फ्री)
- जोखिम: बेहद कम
किसके लिए बेहतर?
जो लोग सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए PPF अच्छा विकल्प है।
EPF (कर्मचारी भविष्य निधि)
- EPF सैलरीड कर्मचारियों के लिए होता है, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योगदान करते हैं।
- योगदान: बेसिक सैलरी + DA का 12%
- ब्याज दर: EPFO हर साल घोषित करता है।
- टैक्स लाभ: EEE (निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी-तीनों टैक्स फ्री)
- जोखिम: कम
किसके लिए बेहतर?
नौकरीपेशा लोगों के लिए यह एक मजबूत रिटायरमेंट फंड बन सकता है क्योंकि इसमें कंपनी का भी योगदान जुड़ता है।
NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम)
- NPS एक मार्केट-लिंक्ड स्कीम है। इसमें पैसा इक्विटी और डेट दोनों में निवेश होता है।
- रिटर्न: बाजार पर निर्भर
- टैक्स लाभ: 80C के अलावा अतिरिक्त ₹50,000 (80CCD(1B))
- मैच्योरिटी: 60 वर्ष पर 60% तक रकम एकमुश्त निकाल सकते हैं, 40% से एन्युटी खरीदना जरूरी।
किसके लिए बेहतर?
जो लोग लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न चाहते हैं और थोड़ा जोखिम लेने को तैयार हैं, उनके लिए NPS बेहतर हो सकता है।
कौन है बेस्ट सेविंग स्कीम?
अगर आपको निवेश पर सुरक्षा चाहिए तो PPF में निवेश करें। अगर नौकरीपेशा हैं तो EPF सबसे फायदेमंद है। वहीं अगर आप निवेश पर कुछ जोखिम ले सकते हैं और उच्च रिटर्न चाहते हैं तो NPS बेहतर विकल्प है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ एक स्कीम पर निर्भर रहने के बजाय इनका मिश्रण बनाना ज्यादा समझदारी भरा कदम हो सकता है।
