भारत में पोस्ट ऑफिस (डाकघर) को हमेशा से बचत का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद माध्यम माना गया है। खासकर ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट (POSA) पहली पसंद होता है। अब अपने ग्राहकों को बैंकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं देने के लिए इंडिया पोस्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब पोस्ट ऑफिस के बचत खाताधारकों को भी बैंकों की तरह 'पर्सनलाइज्ड चेकबुक' (Personalised Cheque Book) की सुविधा मिलेगी। इसका मतलब है कि अब आपके चेकबुक पर आपका नाम प्रिंट होकर आएगा, जो न केवल सुरक्षा के लिहाज से बेहतर है बल्कि आपके बैंकिंग अनुभव को भी प्रीमियम बनाता है।
क्या होती है पर्सनलाइज्ड चेकबुक?
साधारण चेकबुक और पर्सनलाइज्ड चेकबुक में मुख्य अंतर यह होता है कि पर्सनलाइज्ड चेकबुक के हर पन्ने पर खाताधारक का नाम पहले से छपा होता है। पहले पोस्ट ऑफिस में सामान्य चेकबुक मिलती थी, जिसमें खाताधारक को खुद अपना नाम लिखना या साइन करना होता था। नाम प्रिंट होने से चेक के दुरुपयोग की संभावना कम हो जाती है और इसे बैंकों द्वारा अधिक विश्वसनीय माना जाता है। यह सुविधा उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो अक्सर बड़े लेनदेन के लिए चेक का इस्तेमाल करते हैं।
किसे और कैसे मिलेगी यह सुविधा?
यह सुविधा उन सभी ग्राहकों के लिए उपलब्ध है जिनके पास पोस्ट ऑफिस में बचत खाता है। यदि आपके पास पहले से ही चेकबुक की सुविधा वाला खाता है, तो आप अपनी पुरानी चेकबुक खत्म होने पर नई पर्सनलाइज्ड चेकबुक के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने संबंधित डाकघर (जहां आपका खाता है) में जाकर एक साधारण फॉर्म भरना होगा। ध्यान रहे कि आपका खाता 'नो योर कस्टमर' (KYC) मानदंडों के अनुसार अपडेट होना चाहिए। आवेदन के बाद, डाक विभाग द्वारा यह चेकबुक आपके पंजीकृत पते पर भेज दी जाएगी।
सर्विस चार्ज और सीमा
पोस्ट ऑफिस ने इस नई सुविधा के लिए शुल्कों का निर्धारण भी किया है। आमतौर पर, एक वित्तीय वर्ष में पहले 10 चेक के पन्ने (Leaves) मुफ्त दिए जाते हैं। इसके बाद, यदि आपको अतिरिक्त चेकबुक की आवश्यकता होती है, तो प्रति चेक लीफ के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। वर्तमान नियमों के अनुसार, 10 पन्नों के बाद प्रति चेक ₹2 प्लस जीएसटी का शुल्क लगता है। हालांकि, यह सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले अपने स्थानीय डाकघर में नवीनतम शुल्कों की जानकारी जरूर लें, क्योंकि सरकार समय-समय पर इनमें बदलाव कर सकती है।
सुरक्षा और पहचान का नया पैमाना
पर्सनलाइज्ड चेकबुक का सबसे बड़ा फायदा इसकी सुरक्षा है। चूंकि इसमें खाताधारक का नाम पहले से मौजूद होता है, इसलिए इसे क्लोन करना या इसके साथ छेड़छाड़ करना मुश्किल होता है। साथ ही, जब आप किसी को भुगतान के रूप में यह चेक देते हैं, तो यह आपकी एक पेशेवर पहचान को दर्शाता है। बड़े कॉर्पोरेट्स और बैंक भी पर्सनलाइज्ड चेक को जल्दी स्वीकार करते हैं क्योंकि इसमें खाताधारक की जानकारी स्पष्ट होती है।
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