Petrol and diesel prices: पाकिस्तान में महंगाई के दहाई अंकों में पहुंच जाने के बीच कार्यवाहक सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। इन पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने के बाद विपक्षी दलों ने विरोध शुरू कर दिया है। कार्यवाहक सरकार के इस फैसले को लाहौर उच्च न्यायालय में चुनौती भी दे दी गई है। कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकड़ की मंजूरी मिलने के बाद वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार रात पेट्रोल की कीमत में 26.02 रुपये और डीजल की कीमत में 17.34 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का आदेश जारी कर दिया।
पेट्रोल और डीजल में 14 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी
इसके बाद पेट्रोल और ‘हाई-स्पीड’ डीजल (एचएसडी) की कीमतें 330 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा हो गई हैं। इसके पहले एक सितंबर को भी कार्यवाहक सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 14 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। पिछले महीने देश में कार्यवाहक सरकार बनने के बाद से पेट्रोल और डीजल के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं। पाकिस्तान में 15 अगस्त के बाद से पेट्रोल की कीमत में 32.14 रुपये जबकि डीजल की कीमत में 38.49 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है।
अगस्त में मुद्रास्फीति की दर 27.4 प्रतिशत से अधिक
समाचार-पत्र 'डॉन' ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों का 330 रुपये प्रति लीटर पर पहुंचना एक मनोवैज्ञानिक अवरोध के टूटने जैसा है। अगस्त में मुद्रास्फीति की दर 27.4 प्रतिशत से अधिक बढ़ने के बाद ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद विपक्षी दल जहां इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं।
