Pensioners Digital Reforms : केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की शिकायतों के निपटारे को लेकर एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। सरकार का कहना है कि ऑनलाइन निगरानी प्रणाली लागू होने के बाद अब पेंशनभोगियों की समस्याओं का निवारण औसतन करीब 21 दिनों के भीतर किया जा रहा है। इससे सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
ऑनलाइन प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता और समयबद्धता
कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में एक सवाल का लिखित उत्तर देते हुए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'केंद्रीय पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली' (CPENGRAMS) ने एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिससे पेंशन से जुड़ी समस्याओं को दर्ज करना और उनकी निगरानी करना बेहद आसान हो गया है। इस प्रणाली के जरिए केंद्र सरकार के लाखों पेंशनभोगियों को अपनी शिकायतों के त्वरित समाधान की सुविधा मिल रही है।
रियल टाइम मॉनिटरिंग और देरी में भारी कमी
केंद्रीय मंत्री के अनुसार इस नए डिजिटल सिस्टम के तहत सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों द्वारा मामलों की वास्तविक समय (रियल टाइम) पर निगरानी की जाती है। समय सीमा तय होने और लगातार उच्च स्तर पर निरीक्षण होने के कारण अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ी है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि शिकायतों के समाधान में होने वाली अकारण देरी पर लगाम लगी है और औसतन 21 दिनों के अंदर पेंशनभोगियों की समस्याओं को सुलझा लिया जाता है।
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और निर्बाध पेंशन
सरकार द्वारा चलाए जा रहे डिजिटल पेंशन सुधारों का जिक्र करते हुए जितेंद्र सिंह ने बताया कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को भी बेहद सरल और आधुनिक बनाया गया है। जैसे ही कोई पेंशनभोगी अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करता है, वह तुरंत पेंशन वितरण करने वाले अधिकारियों के डेटाबेस में अपडेट हो जाता है। इस स्वचालित प्रक्रिया के कारण पेंशन की राशि रुकने का खतरा समाप्त हो गया है और पेंशनभोगियों को बिना किसी बाधा के नियमित रूप से पेंशन मिलती रहती है।
एसएमएस से मिलेगी हर अपडेट, बढ़ेगी पारदर्शिता
पारदर्शिता को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 'जीवन प्रमाण' प्रणाली के तहत स्वचालित संदेश (SMS) सेवा भी शुरू की है। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा होने और पेंशन रिकॉर्ड अपडेट होने पर संबंधित पेंशनभोगी के मोबाइल फोन पर तुरंत एसएमएस के जरिए सूचना भेज दी जाती है। इस व्यवस्था से बुजुर्गों को बैंक या सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है और उन्हें घर बैठे ही अपनी पेंशन स्थिति की सटीक जानकारी मिल पा रही है।
