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2030 तक 15 गीगावाट सालाना की दर से बढ़ेगी बिजली की मांग: अधिकारी

Power Demand To Grow By 15GW: क्षमता संवर्धन के बारे में अधिकारी ने कहा कि इस योजना में राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश आदि के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि वहां सौर ऊर्जा की संभावनाओं वाली बड़ी भूमि उपलब्ध है।

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Power Demand

Photo : PTI

Power Demand To Grow By 15GW: देश में बिजली की अधिकतम मांग अगले छह वर्षों में 15 गीगावाट सालाना की दर से बढ़ेगी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पिछले एक दशक में बिजली की मांग सालाना 11 गीगावाट की दर से बढ़ी है।

2030 तक इतनी बढ़ेगी मांग

भारतीय बिजली एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माता संघ (आईईईएमए) द्वारा आयोजित एक उद्योग सम्मेलन में बिजली विभाग के अतिरिक्त सचिव श्रीकांत नागुलापल्ली ने कहा कि 2030 तक सौर ऊर्जा घंटों के दौरान लगभग 85 गीगावाट अतिरिक्त मांग बढ़ जाएगी और गैर सौर ऊर्जा घंटों के दौरान अधिकतम मांग में 90 गीगावाट से अधिक की वृद्धि होगी।

नागुलापल्ली ने कहा, “... सालाना बढ़ोतरी इन संख्याओं को सही रूप से प्रतिबिंबित नहीं कर सकती है, लेकिन यदि आप पूर्ण संख्या देखें तो यह एक बड़ी छलांग है और इस वृद्धि को पूरा करने के लिए हमारी कोयला क्षमता के साथ-साथ सौर, पवन, भंडारण और पारेषण का भी पर्याप्त विस्तार किया जा रहा है।”

पिछले 10 वर्षों 11 गीगावाट की दर से बढ़ी

नागुलापल्ली ने कहा, “पिछले 10 वर्षों में भारत की अधिकतम मांग औसतन 11 गीगावाट की दर से बढ़ी है और अगले छह साल में हम उम्मीद करते हैं कि मांग औसतन 15 गीगावाट सालाना की दर से बढ़ेगी।” उन्होंने कहा कि लगभग 40 गीगावाट बिजली भंडारण के माध्यम से होगी। “साल 2030 तक हम भंडारण क्षमता पर निर्भर रहने का इरादा रखते हैं।’’

बिजली मंत्रालय ने 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्रोतों से 500 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, “... हम पहले ही 200 गीगावाट (नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वृद्धि) को पार कर चुके हैं और अगले छह वर्षों में अतिरिक्त 300 गीगावाट प्राप्त करना है, इसमें से (300 गीगावाट) लगभग 225 गीगावाट सौर और पवन ऊर्जा से होगा।”

इनपुट- भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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