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NSE IPO पर बड़ा अपडेट: SEBI से हरी झंडी के बाद तेज हुई तैयारी, जल्द मिलेगा पैसा छापने का मौका

NSE IPO भारतीय कैपिटल मार्केट के सबसे प्रतिक्षित इश्यूज में से एक है। इससे एक्सचेंज के वैल्यू अनलॉक के साथ निवेशकों को भी देश के सबसे बड़े ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की ग्रोथ में हिस्सेदारी लेने का मौका मिलेगा। आने वाली बोर्ड बैठक इस दिशा में निर्णायक कदम साबित हो सकती है।

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जल्द मिलेगा निवेश का मौका

NSE IPO Update: करीब एक दशक से लंबित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE के IPO को अब निर्णायक गति मिलती दिख रही है। सेबी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलने के बाद एक्सचेंज ने औपचारिक रूप से लिस्टिंग प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को होने वाली बोर्ड बैठक को इस दिशा में अहम मोड़ माना जा रहा है, जहां वित्तीय नतीजों की मंजूरी के साथ IPO प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा।

बोर्ड मीटिंग में IPO कमेटी बनेगी

बोर्ड की प्रस्तावित बैठक में दिसंबर 2025 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इसी बैठक में IPO प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष कमेटी गठित होगी, जिसमें ज्यादातर स्वतंत्र निदेशक शामिल होंगे। यह कमेटी मर्चेंट बैंकर, कानूनी सलाहकार और अन्य पेशेवर एजेंसियों के चयन का ढांचा तय करेगी, जो ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) तैयार करने में मदद करेंगे।

कौन बेच रहा हिस्सेदारी

सूत्रों के मुताबिक NSE अपने IPO के जरिये लगभग 4.5% हिस्सेदारी बेच सकता है। मौजूदा अनलिस्टेड बाजार में शेयर का भाव करीब 2,000 रुपये के आसपास है, जिसके आधार पर इश्यू साइज 21,000 से 24,500 करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। यानी यह भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। मैनेजमेंट की प्राथमिकता ऑफर फॉर सेल (OFS) मॉडल पर है, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। जरूरत पड़ने पर नए शेयर जारी करने का विकल्प भी खुला रखा गया है।

किसके पास कितनी हिस्सेदारी

शेयरधारक / निवेशकअनुमानित हिस्सेदारी (कुल में)IPO में संभावित बिक्री (OFS)टिप्पणी
LIC~10% के आसपासआंशिक हिस्सेदारी बिक्री संभवबड़े संस्थागत निवेशकों में शामिल
SBI व सहयोगी संस्थाएं~5% के आसपासआंशिक हिस्सेदारी बिक्री संभवसरकारी बैंक समूह निवेशक
Temasek Holdings~5% के आसपासआंशिक बिक्री संभवप्रमुख विदेशी निवेशक
Stock Holding Corporation~4–5%सीमित हिस्सेदारी बिक्री संभवशुरुआती निवेशकों में शामिल
IFCI व अन्य वित्तीय संस्थान~3–4%आंशिक बिक्री संभवसरकारी/संस्थागत होल्डिंग
अन्य संस्थागत व HNI निवेशकशेष हिस्सेदारीसामूहिक OFS हिस्साबड़ी संख्या में शेयरधारक

निवेशकों को कब मिलेगा मौका

NSE के लगभग 1.91 लाख मौजूदा शेयरधारक प्री-IPO बाजार में सक्रिय हैं और IPO के दौरान उनके पास हिस्सेदारी बेचने या बनाए रखने का विकल्प होगा। आम निवेशकों के लिए असली अवसर तब खुलेगा जब कंपनी DRHP फाइल करने के बाद सेबी की मंजूरी लेकर इश्यू लॉन्च करेगी। लक्ष्य है कि DRHP मार्च के अंत या अप्रैल 2026 की शुरुआत तक दाखिल कर दिया जाए, बशर्ते वित्तीय ऑडिट और दस्तावेजी प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाए।

लंबे विवादों के बाद खुला रास्ता

NSE ने 2016 में पहली बार लिस्टिंग की कोशिश की थी, लेकिन को-लोकेशन और गवर्नेंस विवादों के चलते प्रक्रिया अटक गई थी। जून 2025 में एक्सचेंज ने सेबी के साथ सेटलमेंट करते हुए करीब 1,400 करोड़ रुपये का भुगतान करने पर सहमति जताई, जिसके बाद नियामकीय बाधाएं दूर हुईं और अब IPO का रास्ता साफ दिख रहा है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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