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New Income Tax Slab 2023: नहीं मिलेगा जीरो इनकम टैक्स का फायदा, अगर कर दी ये चूक, समझें 7 लाख का गेम

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Feb 2, 2023, 04:47 PM IST

New Income Tax Slab 2023: इनकम में थोड़ा सा भी बदलाव आपको न केवल जीरो इनकम टैक्स के फायदे से दूर कर सकता है बल्कि हजारों में टैक्स चुकाने की देनदारी भी बना सकता है। वेतन भोगी को ग्रॉस इनकम और नेट इनकम का फेर समझना होगा।

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जीरो टैक्स का समझे गणित

New Income Tax Slab 2023: साल 2023-24 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 7 लाख रुपये तक की इनकम पर जीरो इनकम टैक्स का ऐलान कर दिया है। लेकिन इसका फायदा उठाने के लिए चाहे आप वेतनभोगी हो या फिर गैर वेतनभोगी, बेहद सावधानी रखनी होगी। क्योंकि इनकम में थोड़ा सा भी बदलाव आपको न केवल जीरो इनकम टैक्स के फायदे से दूर कर सकता है बल्कि हजारों में टैक्स चुकाने की देनदारी भी बना सकता है। खास तौर से गैर वेतन भोगी लोगों की इनकम में अगर 7 लाख से 2 रुपये भी ज्यादा की बढ़ोतरी होती है। तो वह जीरो टैक्स के दायरे से बाहर हो जाएंगे और उन्हें 25 हजार से ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ेगा। इसी तरह वेतन भोगी को ग्रॉस इनकम और नेट इनकम का फेर समझना होगा, नहीं तो उन्हें भी हजारों में इनकम टैक्स चुकाना पड़ेगा।

पहले समझे वेतनभोगी और गैर वेतन भोगी का अंतर

जैसा कि नाम से ही समझा जा सकता है कि जो लोग सैलरी पाते हैं, वह वेतन भोगी कैटेगरी में आते हैं। जबकि जिनकी इनकम सैलरी के अलावा दूसरे स्रोतों से होती है वह गैर वेतन भोगी कैटेगरी में आते हैं। गैर वेतन कैटेगरी वालों को 50,000 रुपये के स्टैण्डर्ड डिडक्शन का फायदा नहीं मिलता है। ऐसे उनकी इनकम में 7 लाख रुपये से 2 रुपये की भी बढ़ोतरी टैक्स देनदारी डाल देगी।

जबकि वेतन भोगी को 50,000 रुपये के स्टैण्डर्ड डिडक्शन का फायदा मिलता है। ऐसे में उन्हें नेट इनकम कैलकुलेशन पर बेहद ध्यान देना होगा। खास तौर से जिनकी ग्रॉस सैलरी 7.50 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें बेहद अलर्ट रहना होगा। क्योंकि उनकी इनकम 1000 रुपये भी ज्यादा हुई तो वह जीरो टैक्स का फायदा नहीं उठा पाएंगे और उन्हों हजारों का टैक्स चुकाना होगा।

वेतन भोगी पर कैसे असर ( नया रिजीम)

ग्रॉस सैलरी इनकम (रुपये)7,51,0007,00,000
स्टैण्डर्ड डिडक्शन50,00050,000
80 C, होम लोन और दूसरी छूटनहीं मिलेगा फायदानहीं मिलेगा फायदा
नेट इनकम7,01,0006,50,000
टैक्स (रिबेट के बाद)26,1040
गैर वेतन भोगी पर कैसे असर
ग्रॉस सैलरी इनकम (रुपये)7,00,0007,02,000
स्टैण्डर्ड डिडक्शन--
80 C, होम लोन और दूसरी छूटनहीं मिलेगा फायदानहीं मिलेगा फायदा
नेट इनकम7,00,0007,02,000
टैक्स (रिबेट के बाद)025,200
प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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