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Naresh Goyal-Jet Airways: जेल में फंसा अरबपति, मांग रहा है 'मौत, कभी था एयरलाइन का बादशाह

Jet Airways Founder Naresh Goyal: नरेश कनेक्शन बनाने में माहिर रहे हैं। उन्होंने दुनिया भर में एयरलाइन एग्जेक्यूटिव से कनेक्शन बनाए और एक इंडिपेंडेंट जनरल सेल्स एजेंट (जीएसए) बन गए।

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जेट एयरवेज़ के फाउंडर नरेश गोयल

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • नरेश गोयल मांग रहे मौत
  • जेल में हैं बंद
  • जेट एयरवेज के हैं फाउंडर

Jet Airways Founder Naresh Goyal: जेट एयरवेज एक समय देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन कंपनी थी। इसके फाउंडर नरेश गोयल एविएशन सेक्टर में काफी बड़ा नाम थे। मगर आज वे 538 करोड़ रु के फ्रॉड के आरोप में जेल में हैं। उन पर ये आरोप केनरा बैंक (Canara Bank) ने लगाए हैं। बीते शनिवार को उनकी एक स्पेशल कोर्ट में पेशी हुई, जिसमें नरेश ने अपनी हालत बेहद खराब बताई। नरेश ने स्पेशल कोर्ट में हाथ जोड़कर कहा कि उन्होंने जिंदगी की हर उम्मीद खो दी है और वे मौजूदा स्थिति में जीने से बेहतर जेल में ही मरना चाहते हैं। दरअसल उनकी पत्नी कैंसर से जूझ रही हैं। आज खराब स्थिति से पहले एक समय उनकी दौलत हजारों करोड़ थी।

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कितनी थी दौलत

2012 में फोर्ब्स ने उनकी नेटवर्थ 60 करोड़ डॉलर बताई थी। आज के हिसाब से देखें तो उनकी दौलत करीब 5000 करोड़ रु बनती है। ये दौलत और नाम नरेश ने काफी मुश्किल से हासिल किया था। उन्होंने 1993 में जेट एयरवेज शुरू की थी। मगर उससे पहले वे दिल्ली में अपने अंकल की ट्रेवल एजेंसी में काम करते थे। वे दिन में वहां काम करते और रात को वहीं सोते।

कनेक्शन बनाने में माहिर

नरेश कनेक्शन बनाने में माहिर रहे हैं। उन्होंने दुनिया भर में एयरलाइन एग्जेक्यूटिव से कनेक्शन बनाए और एक इंडिपेंडेंट जनरल सेल्स एजेंट (जीएसए) बन गए। नरेश नेटवर्क बनाने में माहिर थे। इसी से उन्होंने शुरुआत में कुछ छोटे एयरक्राफ्ट खरीदे और फिर जेट एयरवेज की शुरुआत की।

एयर टैक्सी सर्विस ऑपरेटर थी जेट एयरवेज

जेट एयरवेज ने 1993 में एक एयर टैक्सी सर्विस ऑपरेटर के रूप में शुरुआत की थी। उसके बाद जेट एयरवेज भारत की सबसे बड़ी डोमेस्टिक एयरलाइन बनी। माना जाता है कि जेट की फाइनेंशियल समस्याएं तब शुरू हुईं जब गोयल ने 2007 में एयर सहारा को खरीदा। वो डील 1,450 करोड़ रुपये में हुई थी। यहीं से उनका ग्राफ नीचे आता गया।

उसके बाद नरेश पर मनी लॉन्ड्रिंग के अलावा धोखाधड़ी के आरोप भी लगे, जिनके चलते वे जेल में हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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