Mukesh Ambani Salary: एशिया के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक बार फिर सभी को चौंकाया है। लगातार पांचवें साल उन्होंने अपनी कंपनी से एक भी रुपये वेतन नहीं लिया। मुकेश अंबानी ने कोरोना महामारी के समय से ही सैलरी लेना बंद कर दिया था। उन्होंने खुद कहा था कि जब तक रिलायंस इंडस्ट्रीज पूरी तरह अपनी आमदनी की पुरानी रफ्तार पर नहीं लौट आती, तब तक वे वेतन नहीं लेंगे।
इससे पहले, साल 2008-09 से लेकर 2019-20 तक उन्होंने खुद की सालाना सैलरी को ₹15 करोड़ तक सीमित रखा था, ताकि बाकी कर्मचारियों और निवेशकों के सामने एक मिसाल कायम की जा सके।
तो फिर अंबानी की कमाई कहां से हो रही है?
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, सैलरी भले ही न ली हो, लेकिन अंबानी की कमाई रुक नहीं रही। उनकी आमदनी का सबसे बड़ा जरिया है डिविडेंड यानी लाभांश। मुकेश अंबानी के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के 1.61 करोड़ सीधे शेयर हैं। इस पर उन्हें ₹8.85 करोड़ का डिविडेंड मिला है। इसके अलावा, उनके नियंत्रण वाले प्रवर्तक समूह के पास 664.5 करोड़ शेयर हैं। इस आधार पर उन्हें ₹3,655 करोड़ का भारी-भरकम लाभांश मिला। इस तरह, वेतन भले ज़ीरो हो, लेकिन सिर्फ डिविडेंड से ही अंबानी परिवार की तिजोरी में हजारों करोड़ रुपये आ रहे हैं।
परिवार को क्या मिला?
तीनों बच्चे ईशा, आकाश और अनंत अंबानी को अक्टूबर 2023 में कंपनी के बोर्ड में शामिल किया गया था। उस समय उन्हें कोई सैलरी नहीं मिली, लेकिन बैठकों में शामिल होने की फीस (सिटिंग फीस) के तौर पर हर किसी को ₹6 लाख और ₹2.27 लाख का कमीशन मिला। अनंत अंबानी को 2024-25 से कार्यकारी निदेशक बना दिया गया है। उन्हें सालाना ₹10 से ₹20 करोड़ के बीच वेतन मिलेगा।
किसको कितनी मिली सैलरी
निखिल मेसवानी और हितल मेसवानी को इस साल ₹25 करोड़ का वेतन मिला, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम है। कार्यकारी निदेशक पी एम एस प्रसाद की सैलरी बढ़कर ₹19.96 करोड़ हो गई।
क्यों है ये फैसला खास?
मुकेश अंबानी का लगातार बिना सैलरी काम करना भारतीय कॉर्पोरेट दुनिया में एक अनोखी मिसाल बन गया है। यह दिखाता है कि जब कंपनी और कर्मचारी मुश्किल दौर में हों, तब लीडरशिप सिर्फ शब्दों से नहीं, अपने फैसलों से भी उदाहरण पेश कर सकती है।
