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Manufacturing Sector: भारत के विनिर्माण क्षेत्र की ग्रोथ रेट घटी, मई में तीन महीने के निचले स्तर पर फिसली

Manufacturing Sector Growth Rate: भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर मई में तीन महीने के निचले स्तर 57.6 पर आ गई। मुद्रास्फीति दबाव, कमजोर मांग और भू-राजनीतिक परिस्थितियां इसकी मुख्य वजह रहीं। सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई। मौसमी रूप से समायोजित 'एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक' (पीएमआई) मई में घटकर 57.6 हो गया जो अप्रैल में 58.2 था।

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विनिर्माण क्षेत्र की ग्रोथ रेट घटी

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KEY HIGHLIGHTS
  • विनिर्माण क्षेत्र की ग्रोथ रेट घटी
  • मई में तीन महीने के निचले स्तर पर रही
  • मई में 57.6 पर आ गई

Manufacturing Sector Growth Rate: भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर मई में तीन महीने के निचले स्तर 57.6 पर आ गई। मुद्रास्फीति दबाव, कमजोर मांग और भू-राजनीतिक परिस्थितियां इसकी मुख्य वजह रहीं। सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई। मौसमी रूप से समायोजित 'एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक' (पीएमआई) मई में घटकर 57.6 हो गया जो अप्रैल में 58.2 था। यह फरवरी के बाद से परिचालन स्थितियों में सबसे कमजोर सुधार को दर्शाता है।

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50 से ऊपर सूचकांक होने का मतलब

पीएमआई के तहत 50 से ऊपर सूचकांक होने का मतलब उत्पादन गतिविधियों में विस्तार है जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा संकुचन को दर्शाता है।

सर्वेक्षण में कहा गया है कि मई के आंकड़ों से भारत के विनिर्माण उद्योग में कारोबारी स्थितियों में एक और मजबूत सुधार का संकेत मिला है, लेकिन विस्तार की दर तीन महीनों में सबसे कम रही है।

उत्पादन एवं नए ऑर्डर में विस्तार की दर घटी

निगरानी कंपनियों ने वृद्धि को स्वस्थ घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय मांग के साथ-साथ सफल विपणन पहलों से जोड़ा। हालांकि, सर्वेक्षण में शामिल कंपनियों के अनुसार लागत दबाव, भयंकर प्रतिस्पर्धा और भारत-पाकिस्तान संघर्ष ने इस उछाल को सीमित कर दिया।

एचएसबीसी के मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘‘ भारत के मई के विनिर्माण पीएमआई ने इस क्षेत्र में मजबूत वृद्धि के एक और महीने का संकेत दिया, हालांकि उत्पादन एवं नए ऑर्डर में विस्तार की दर पिछले महीने की तुलना में कम रही। रोजगार वृद्धि में तेजी से नए शिखर पर पहुंचना निश्चित रूप से एक सकारात्मक विकास है।’’

नौकरियों का क्या है हाल

नौकरियों के मोर्चे पर, कंपनियों ने मई में अतिरिक्त कर्मचारियों को काम पर रखा जिससे नौकरी सृजन की दर एक नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई। सर्वेक्षण में शामिल 12 प्रतिशत कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी की सूचना दी।

कीमतों के मोर्चे पर अधिक सामग्री लागत के अलावा कंपनियों ने माल ढुलाई एवं श्रम पर भी अधिक व्यय की सूचना दी। बढ़ते परिचालन व्यय और मजबूत मांग के समर्थन के परिणामस्वरूप कंपनियों ने मई में अपनी बिक्री कीमतों में वृद्धि की।

आगामी 12 महीनों में उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद

भंडारी ने कहा, ‘‘ कच्चे माल की लागत बढ़ रही है, लेकिन विनिर्माता उत्पादन कीमतें बढ़ाकर लाभ मुनाफे पर दबाव कम करने में सक्षम प्रतीत होते हैं।’’ सर्वेक्षण में कहा गया है कि कारोबारी परिदृश्य के संबंध में भारतीय विनिर्माता आगामी 12 महीनों में उत्पादन में वृद्धि के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं।

एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल ने करीब 400 विनिर्माताओं के एक समूह में क्रय प्रबंधकों को भेजे गए सवालों के जवाबों के आधार पर तैयार किया है। (इनपुट - भाषा)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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