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IT Stock Crash : Infosys-TCS सहित IT शेयर 8% तक क्रैश, ₹2 लाख करोड़ स्वाहा!

शेयर बाजार में आज IT Stocks की जमकर धुलाई हो रही है। Nifty IT करीब 6 फीसदी तक लुढ़क चुका है। वहीं, इन्प्फोसिस और TCS जैसे टेक दिग्गज शेयरों में 8 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली है।

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क्यों आई आईटी स्टॉक्स में गिरावट

IT Stock Crash : भारतीय शेयर बाजार के IT सेक्टर में आज का शुक्रवार 19 जून को ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ है। ग्लोबल IT दिग्गज एक्सेंचर (Accenture) ने पश्चिम एशिया में हुए तनाव का हवाला देते हुए अपने सालाना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस में कटौती की है। इसके बाद घरेलू बाजार में आईटी शेयरों में सुनामी आ गई है।

शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही निफ्टी आईटी (Nifty IT) इंडेक्स करीब 6% तक टूट गया, जिससे यह बाजार का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया। इस चौतरफा बिकवाली (Sell-off) के कारण शुरुआती कारोबार में ही आईटी कंपनियों के निवेशकों के ₹1.35 लाख करोड़ से ₹2 लाख करोड़ रुपये मिनटों में हवा हो गए।

क्रैश का लाइव रिपोर्ट कार्ड

दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों को कौड़ियों के दाम बेचा जा रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी को नीचे खींचने में आईटी शेयरों का ही सबसे बड़ा हाथ रहा।

कंपनी/इंडेक्सआज की गिरावट (%)मौजूदा स्थिति और बड़ा अपडेट
Nifty IT Index~ 6.0% downसाल 2026 (CY26) में यह इंडेक्स अब तक 29% टूट चुका है
Infosys (इन्फोसिस)7.6% से 8.0% downनिफ्टी 50 का सबसे बड़ा लूजर; अमेरिकी बाजार में इसका ADR 9.7% क्रैश हुआ।
Tech Mahindra6.3% downभारी बिकवाली के दबाव में।
TCS (टाटा कंसल्टेंसी)6.0% downदिग्गज शेयर में बड़ी गिरावट, सपोर्ट लेवल टूटा।
HCLTech5.3% downलागत कटौती (Cost Optimisation) के बावजूद शेयर फिसला।
Wipro (विप्रो)3.6% से 4.0% downअमेरिकी बाजार में विप्रो का ADR भी 3.6% टूटा।
सिर्फ बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मिडकैप टेक कंपनियों जैसे Mphasis (5.4%), Persistent Systems (5%), Coforge (4.1%), Hexaware, और Tata Elxsi के शेयरों में भी 4 से 6 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई।

क्यों आया यह भूचाल?

भारतीय आईटी कंपनियों की सेहत का सीधा कनेक्शन अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों से होता है। कल रात अमेरिकी शेयर बाजार (NYSE) में Accenture का शेयर 18% से 19% तक टूटकर इतिहास के सबसे निचले स्तरों पर आ गया। इसी का संक्रामक असर (Contagion Effect) आज भारतीय टेक कंपनियों पर दिखा है।

एक्सेंचर की रिपोर्ट में क्या खतरनाक?

गाइडेंस में बड़ी कटौती: एक्सेंचर ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने सालाना स्थानीय मुद्रा रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान (Guidance) के ऊपरी स्तर को 100 बेसिस पॉइंट घटाकर 3% से 4% कर दिया है। पहले यह 3% से 5% के बीच में था। कंपनी की नई बुकिंग और ऑर्डर्स में सालाना आधार पर 14.7% की बड़ी गिरावट आई है, जो दिखाता है कि वैश्विक कंपनियां अब तकनीक पर नया पैसा खर्च करने से बच रही हैं। मैनेजमेंट का साफ कहना है कि पश्चिम एशिया के व्यवधानों और अमेरिकी फेडरल बिजनेस में धीमी खरीद प्रक्रियाओं के कारण उनके रेवेन्यू पर भारी दबाव है।

ब्रोकरेज के रुख ने जताई चिंता

ग्लोबल ब्रोकरेज दिग्गज Jefferies ने IT सेक्टर के लिए 'अंडरवेट' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि एक्सेंचर के खराब नतीजों के बाद भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई के अनुमानों में भी कटौती हो सकती है। वहीं, CLSA ने इन्फोसिस और विप्रो के मुकाबले HCLTech को तरजीह दी है, क्योंकि एचसीएल टेक के पास कॉस्ट-ऑप्टिमाइजेशन की गुंजाइश है और प्रोजेक्ट्स का मजबूत पोर्टफोलियो है।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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