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कैलाश विजयवर्गीय ने महिला पार्षद पर की विवादित टिप्पणी, बॉडी शेमिंग का आरोप; कांग्रेस ने घेरा

MP News: अपनी ही पार्टी की महिला पार्षद की बॉडी पर की गई टिप्पणी को लेकर मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) घिर गए हैं।

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मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (फोटो- KailashOnline)

MP News: एक तरह बीजेपी के नेता राहुल गांधी को 'मां के अपमान' पर घेर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) का एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है। मंच पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की एक टिप्पणी ने अब सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। मंच पर मौजूद एक महिला पार्षद को लेकर विजयवर्गीय ने विवादित बात कह दी है। जिसे अब महिलाओं की बॉडिंग शेमिंग से जोड़ कर देखा जा रहा है।

कैलाश विजयर्गीय ने क्या कहा?

दरअसल कैलाश विजयवर्गीय का जो वीडियो सामने आया है, उसमें वो इंदौर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते दिख रहे हैं। इसी दौरान वो अपनी ही पार्टी के एक महिला पार्षद के बारे में टिप्पणी करते हैं। महिला पार्षद संध्या यादव का नाम लेते हुए कैलाश विजयवर्गीय उनकी बॉडी पर टिप्पणी करते हैं। इसी टिप्पणी को लेकर विवाद मचा हुआ है।

कांग्रेस ने विजयवर्गीय को घेरा

विजयवर्गीय के इस बयान को लेकर कांग्रेस ने सम्मान से जोड़ते हुए बीजेपी पर हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक महिला जनप्रतिनिधि के शरीर को लेकर सार्वजनिक मंच से इस तरह की टिप्पणी करना निंदनीय है। कांग्रेस ने विजयवर्गीय को मंत्रिमंडल से बाहर करने की मांग तक कर दी है। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने बीजेपी के कुछ अन्य नेताओं की महिलाओं को लेकर की गई कथित टिप्पणियों और व्यवहार का भी हवाला दिया है।

कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी का कहना है कि बीजेपी को तत्काल कैलाश विजयवर्गी को मंत्रिमंडल से बाहर कर देना चाहिए। कैलाश विजयवर्गीय मानसिक रोगी की तरह बयान दे रहे हैं। एक बहन पर इस तरह से सार्वजनिक बयान देना शर्मनाक है। पहले विजय शाह ने सेना की एक महिला अधिकारी पर अशोभनीय टिप्पणी की। वरिष्ठ नेता इमरती देवी को मंच पर स्थान नहीं दिया गया। भाजपा में महिलाओं को लेकर के कथनी और करनी का बहुत अंतर है।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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