US Iran War India LPG Crisis : अमेरिका और ईरान युद्ध की वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। मार्च में तो इसकी वजह से भारत में भयानक LPG संकट खड़ा हो गया था। अब फिर से इस तरह की नौबत नहीं आए, इसके लिए सरकार ने बड़ी योजना बनाई है। सरकार ने देश की तमाम रिफाइनरी कंपनियों को घरेलू LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का निर्देश देते हुए सभी कंपनियों के लिए टारगेट तय किया है।
अगर US-Iran War लंबा खिंचता है और पश्चिम एशिया से भारत आने वाली रसोई गैस की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार ने पहली बार देश की अलग-अलग रिफाइनरियों और गैस कंपनियों के लिए LPG उत्पादन का लक्ष्य तय कर दिया है। यानी विदेश से LPG की सप्लाई बाधित होने पर सिर्फ आयात पर निर्भर रहने के बजाय देश के भीतर ही उत्पादन बढ़ाया जा सकेगा।
देश में होगा 70 फीसदी उत्पादन
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश की 21 रिफाइनरियों और गैस उत्पादन से जुड़ी कंपनियों के लिए अधिकतम LPG उत्पादन स्तर तय किए हैं। इन कंपनियों की कुल उत्पादन क्षमता को संकट के समय 63,810 टन LPG प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह वित्त वर्ष 2025-26 के घरेलू LPG उत्पादन से दोगुने से भी ज्यादा है और देश की रोजाना खपत का करीब 70 फीसदी है।
सरकार ने क्यों बदला प्लान?
भारत में LPG की खपत बहुत ज्यादा है, लेकिन जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेश से आता है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश में करीब 3.32 करोड़ टन LPG की खपत हुई। इसमें करीब 1.31 करोड़ टन LPG देश में बनी, जबकि करीब 2.13 करोड़ टन आयात करनी पड़ी। यानी भारत की LPG जरूरत का 64 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आयात से पूरा हुआ। रोजाना खपत करीब 91,000 टन बैठती है, जबकि घरेलू उत्पादन करीब 35,900 टन रोज था।
पश्चिम एशिया पर निर्भरता घटेगी
पश्चिम एशिया पर भारी निर्भरता मार्च में भारत के लिए बड़ी चिंता बन गई थी। भारत के LPG आयात का करीब 90 फीसदी हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) से आता है, जो अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते बंद पड़ा है। ईरान युद्ध के दौरान इस रास्ते पर संकट बढ़ने से भारत आने वाली LPG सप्लाई प्रभावित हुई थी।
किसे कितना लक्ष्य?
सरकार ने जिन कंपनियों के लिए उत्पादन लक्ष्य तय किया है, उनमें सबसे बड़ा लक्ष्य Reliance Industries की जामनगर स्थित घरेलू बाजार वाली रिफाइनरी को मिला है। इस रिफाइनरी को संकट की स्थिति में 18,000 टन LPG प्रतिदिन तक उत्पादन करने का लक्ष्य दिया गया है। सरकारी क्षेत्र की 18 रिफाइनरियों को मिलाकर 31,470 टन प्रतिदिन का लक्ष्य दिया गया है। वहीं नायरा एनर्जी की गुजरात स्थित वाडीनार रिफाइनरी के लिए 4,480 टन प्रतिदिन का लक्ष्य है।
हर 6 महीने में बदलेगा प्लान
सरकार ने यह व्यवस्था स्थायी तौर पर लागू करने की तैयारी की है। LPG उत्पादन के इस शेड्यूल की समीक्षा हर 6 महीने में होगी। हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को उत्पादन शेड्यूल को अपडेट किया जाएगा। इसमें नई रिफाइनरियों या नई गैस कंपनियों को शामिल किया जा सकता है। मौजूदा कंपनियों की उत्पादन क्षमता बढ़ने पर उनके लक्ष्य में भी बदलाव किया जा सकेगा।
