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जी7 देश खोलेंगे 10 करोड़ बैरल तेल का खजाना, ट्रंप के लिए बड़ी राहत

G7 Oil Release: जी7 देश अमेरिका में रिकॉर्ड महंगाई से राहत देने के लिए अपने रणनीतिक भंडार से 10 करोड़ बैरल तेल और डीजल जारी करेंगे। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के समन्वय से यह प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी।

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मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप को राहत, यूरोप देगा डीजल की खेप (तसवीर- AP/istock)

G7 Oil Release: ईंधन की बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबाव से जूझ रहे अमेरिका और वैश्विक बाजार को राहत देने के लिए प्रमुख औद्योगिक देशों के संगठन जी7 (G7) ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जी7 देश अपने आपातकालीन रणनीतिक भंडार से 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करने पर सहमत हो गए हैं। इस प्रक्रिया की शुरुआत तत्काल प्रभाव से बड़े पैमाने पर डीजल आपूर्ति के साथ होगी। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) इस पूरे कदम की निगरानी और समन्वय करेगी। अगले चार महीनों तक जारी रहने वाले इस अभियान के पहले 20 दिनों में सदस्य देश डीजल की प्रमुख खेप बाजार में उतारेंगे।

मिडटर्म चुनाव और ट्रंप पर बढ़ता राजनीतिक दबाव

अमेरिका में आगामी नवंबर में होने वाले मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी पर आसमान छूती महंगाई को नियंत्रित करने का भारी राजनीतिक दबाव है। हालिया पोल और सर्वेक्षणों के अनुसार, अधिकांश अमेरिकी नागरिक महंगाई और ईंधन की उच्च दरों के लिए मौजूदा प्रशासन को जिम्मेदार मान रहे हैं, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में गिरावट दर्ज की गई है। इस फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए बताया कि यूरोपीय देश अपने विशाल भंडार से डीजल जारी करने के लिए तैयार हो गए हैं और इससे अमेरिकी नागरिकों व वैश्विक बाजार को राहत मिलेगी।

ईरान युद्ध और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं डीजल-पेट्रोल की कीमतें

पिछले आठ महीनों से जारी ईरान युद्ध और व्यापारिक तनावों के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इसके परिणामस्वरूप अमेरिका सहित दुनियाभर में गैस, पेट्रोल और डीजल के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में डीजल का राष्ट्रीय औसत मूल्य 6.52 डॉलर प्रति गैलन के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू चुका है। हालांकि ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह आर्थिक स्थिति झेलना आवश्यक है, लेकिन युद्ध का लंबा खिंचना आर्थिक चिंताओं को बढ़ा रहा है।

फ्रांस की मध्यस्थता और आईईए का समन्वय

ईंधन संकट के समाधान के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जी7 के वर्तमान अध्यक्ष और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से आपातकालीन बातचीत की थी। इसके बाद मैक्रों की अध्यक्षता में जी7 देशों के प्रमुखों की एक विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से रणनीतिक तेल भंडार खोलने का निर्णय लिया गया। फ्रांस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जी7 और उनके सहयोगी देश आईईए (IEA) के माध्यम से 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने की योजना को तत्काल लागू करेंगे, ताकि बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाकर दामों को नीचे लाया जा सके।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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