Jitiya (Jivit Putrika) Vrat 2026 Aaj Chand kab Niklega: आज 3 अक्टूबर को जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत रखा जा रहा है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से निर्जला व्रत करती हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को भगवान जीमूतवाहन की पूजा की जाती है और जितिया व्रत की कथा सुनी जाती है। कई जगहों पर पूजा के बाद चांद और तारों के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य देने की परंपरा भी है। जीवित्पुत्रिका व्रत में चील और सियारिन की पूजा का भी खास महत्व है।
आज रात व्रत रखने वाली महिलाओं को चंद्रमा और तारों के दर्शन का इंतजार रहेगा। दिल्ली में आज चंद्रोदय रात 11 बजकर 32 मिनट पर होगा। शहर बदलने के साथ चंद्रमा के निकलने का समय भी बदल सकता है। कुछ शहरों में चंद्रमा आधी रात के बाद दिखाई देगा। ऐसे में वहां चंद्र दर्शन 4 अक्टूबर की शुरुआत में होगा।
आज जितिया व्रत पर चांद कितने बजे निकलेगा
3 अक्टूबर की रात दिल्ली में 11:32 बजे चंद्रोदय होगा। लखनऊ में चंद्रमा करीब 11:17 बजे, कानपुर में 11:20 बजे और पटना में करीब 11:07 बजे दिखाई देगा।
जिन शहरों में चंद्रमा रात 12 बजे के बाद निकलेगा, वहां समय 4 अक्टूबर की तारीख में आएगा। इस कारण आधी रात के बाद होने वाले चंद्रोदय को भी जितिया की रात के चंद्र दर्शन के तौर पर ही देखा जाएगा।
भारत के विभिन्न शहरों में आज चांद कितने बजे दिखेगा
| शहर | चंद्रमा निकलने का समय |
|---|---|
| दिल्ली | रात 11:32 बजे |
| नोएडा | रात 11:31 बजे |
| गाजियाबाद | रात 11:31 बजे |
| गुरुग्राम | रात 11:33 बजे |
| आगरा | रात 11:28 बजे |
| मेरठ | रात 11:28 बजे |
| चंडीगढ़ | रात 11:27 बजे |
| अमृतसर | रात 11:28 बजे |
| देहरादून | रात 11:19 बजे |
| जयपुर | रात 11:43 बजे |
| जोधपुर | रात 11:56 बजे |
| कोटा | रात 11:48 बजे |
| लखनऊ | रात 11:17 बजे |
| कानपुर | रात 11:20 बजे |
| प्रयागराज | रात 11:16 बजे |
| वाराणसी | रात 11:11 बजे |
| गोरखपुर | रात 11:06 बजे |
| पटना | रात 11:07 बजे |
| रांची | रात 11:07 बजे |
| कोलकाता | रात 10:56 बजे |
| सिलीगुड़ी | रात 10:45 बजे |
| गुवाहाटी | रात 10:33 बजे |
| भुवनेश्वर | रात 11:12 बजे |
| भोपाल | रात 11:40 बजे |
| इंदौर | रात 11:48 बजे |
| जबलपुर | रात 11:30 बजे |
| नागपुर | रात 11:38 बजे |
| भिलाई | रात 11:28 बजे |
| हैदराबाद | रात 11:51 बजे |
| मुंबई | 4 अक्टूबर, रात 12:10 बजे |
| पुणे | 4 अक्टूबर, रात 12:03 बजे |
| बेंगलुरु | 4 अक्टूबर, रात 12:04 बजे |
जितिया व्रत पर सितारे कितने बजे दिखाई देंगे
जितिया व्रत की रात सितारों के दर्शन भी किए जाते हैं। व्रत रखने वाली महिलाएं पूजा के बाद आसमान की ओर देखकर सितारों के दर्शन करती हैं और अपने बच्चों की लंबी उम्र व सुखी जीवन की कामना करती हैं।
सितारों के लिए चंद्रमा की तरह कोई एक तय चंद्रोदय समय नहीं होता है। सूर्यास्त के बाद अंधेरा होने पर सितारे दिखाई देने लगते हैं। आज दिल्ली-एनसीआर में सूर्यास्त करीब 6 बजे के आसपास होगा, इसलिए मौसम साफ रहने पर शाम के बाद से ही तारे दिखाई देने लगेंगे। शहर की रोशनी, बादल और मौसम की स्थिति के कारण सितारों की दृश्यता अलग-अलग हो सकती है।
जितिया की पूजा में कई जगह चांद और तारों दोनों को अर्घ्य देने की परंपरा है। पूजा के लिए तांबे या मिट्टी के पात्र में जल, दूध और अक्षत लेकर चंद्रमा तथा तारों को अर्घ्य दिया जाता है। इसके साथ है संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना की जाती है।
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जितिया पर चांद और सितारों को अर्घ्य कैसे दें
चांद या तारों के दर्शन के बाद एक पात्र में साफ जल, दूध और अक्षत लेकर अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद दोनों हाथ जोड़कर संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और हर संकट से रक्षा की प्रार्थना की जाती है। पूजा में दीपक जलाकर भगवान जीमूतवाहन का स्मरण किया जाता है और व्रत कथा का पाठ किया जाता है।
जितिया व्रत का पारण कब होगा
3 अक्टूबर को रखा गया जितिया का निर्जला व्रत 4 अक्टूबर को पारण के साथ पूरा होगा। अष्टमी तिथि 4 अक्टूबर की सुबह समाप्त होगी। पारण के समय को लेकर अपने शहर के पंचांग के अनुसार समय देखना चाहिए।
