बिजनेस

क्या डेट ऑफ बर्थ का प्रमाण है Aadhaar Card? UIDAI ने दूर किया कंफ्यूजन

कई बार लोगों को ग़लतफहमी होती है कि आधार कार्ड का इस्तेमाल डेट ऑफ बर्थ के लिए कर सकते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है UIDAI ने इसको लेकर सभी कन्फ्यूजन दूर किए हैं आइए जानते हैं आधार कार्ड का इस्तेमाल कहां-कहां कर सकते हैं?

Image

Aadhar Card

भारत में आधार कार्ड (Aadhar Card) आज के समय में सबसे अनिवार्य दस्तावेजों में से एक बन गया है। बैंक खाता खुलवाना हो, सिम कार्ड लेना हो या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना हो, आधार हर जगह मांगा जाता है। इसी वजह से एक आम धारणा बन गई थी कि आधार कार्ड पर छपी जन्मतिथि (Date of Birth) को जन्म के आधिकारिक प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, UIDAI ने अब स्पष्ट कर दिया है कि आधार कार्ड केवल आपकी पहचान (Identity) और पते (Address) का प्रमाण है, न कि आपकी जन्मतिथि का।

UIDAI ने क्या कहा?

UIDAI ने हाल ही में जारी किए गए अपने सर्कुलर और बयानों में साफ किया है कि आधार एक 'पहचान दस्तावेज' है। इसे बनाने का मुख्य उद्देश्य बायोमेट्रिक आधारित पहचान सुनिश्चित करना था। आधार कार्ड पर जो जन्मतिथि लिखी होती है, वह अक्सर व्यक्ति द्वारा दिए गए अन्य दस्तावेजों या Self-declaration के आधार पर दर्ज की जाती है। चूंकि आधार खुद को जन्म प्रमाण पत्र के रूप में पेश नहीं करता, इसलिए कई कानूनी और आधिकारिक प्रक्रियाओं (जैसे पासपोर्ट बनवाना या पेंशन क्लेम) में इसे जन्मतिथि के एकमात्र सबूत के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अब जो नए आधार कार्ड या ई-आधार डाउनलोड किए जा रहे हैं, उन पर भी यह स्पष्ट रूप से लिखा होता है कि "आधार पहचान का प्रमाण है, नागरिकता या जन्मतिथि का नहीं।" यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि विभिन्न संस्थान और आम नागरिक इस भ्रम में न रहें कि आधार दिखाने मात्र से उनकी जन्मतिथि प्रमाणित हो गई है। कई मामलों में देखा गया था कि लोग आधार में जन्मतिथि बदलवाकर उसका गलत फायदा उठाने की कोशिश करते थे, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

तो जन्मतिथि के लिए कौन से दस्तावेज होंगे मान्य?

अगर आप किसी सरकारी सेवा या स्कूल-कॉलेज में एडमिशन के लिए जन्मतिथि का प्रमाण देना चाहते हैं, तो अब आपको वैकल्पिक दस्तावेजों का सहारा लेना होगा। सबसे विश्वसनीय दस्तावेज 'जन्म प्रमाण पत्र' (Birth Certificate) है, जिसे नगर निगम या रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी किया जाता है। इसके अलावा, आपकी 10वीं कक्षा की मार्कशीट या पासिंग सर्टिफिकेट, जिस पर जन्मतिथि अंकित हो, उसे भी एक वैध प्रमाण माना जाता है। पैन कार्ड और पासपोर्ट को भी कई जगहों पर जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है, लेकिन आधार को अब इस लिस्ट से बाहर माना जा रहा है।

इस अपडेट के बाद अब लोगों को अपनी जन्मतिथि से जुड़े कार्यों के लिए केवल आधार पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। यदि आपके पास बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है, तो उसे समय रहते बनवा लेना बेहतर है। हालांकि, आधार का इस्तेमाल ई-केवाईसी (e-KYC) और बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए पहले की तरह ही होता रहेगा। गैस सब्सिडी, राशन कार्ड और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में भी आधार की भूमिका वैसी ही रहेगी। बस, जहाँ कानूनी रूप से जन्म की तारीख साबित करने की बात आएगी, वहाँ आधार पीछे छूट जाएगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article