Indo MIM Share Listing: प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाने वाली Indo-MIM Ltd ने शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत की है। कंपनी का शेयर गुरुवार को बीएसई पर ₹703 और एनएसई पर ₹700 पर लिस्ट हुआ। यह IPO के अपर प्राइस बैंड ₹485 के मुकाबले क्रमशः 44.95% और 44.33% का प्रीमियम है। खास बात यह रही कि कंपनी की लिस्टिंग ग्रे मार्केट के अनुमान से भी बेहतर रही। ग्रे मार्केट में करीब 39% प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था, जबकि वास्तविक लिस्टिंग लगभग 45% प्रीमियम पर हुई।
₹14,550 के निवेश पर ₹6,540 का फायदा
Indo-MIM IPO का लॉट साइज 30 शेयर था। अपर प्राइस बैंड ₹485 के हिसाब से एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹14,550 निवेश करना पड़ा।अगर किसी निवेशक को IPO में एक लॉट अलॉट हुआ और उसने बीएसई के लिस्टिंग प्राइस ₹703 पर शेयर बेच दिए, तो उसे प्रति शेयर ₹218 का फायदा हुआ।
- एक लॉट की लागत: ₹14,550
- बीएसई लिस्टिंग प्राइस: ₹703
- प्रति शेयर फायदा: ₹218
- 30 शेयरों पर कुल मुनाफा: ₹6,540
यानी पहले ही दिन निवेशकों को करीब 45% का शानदार रिटर्न मिला।
72 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO
Indo-MIM IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। 23 से 27 जुलाई तक खुले इस IPO को कुल 72.34 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें संस्थागत निवेशक यानी QIB ने इश्यू को 204.47 गुना सब्सक्राइब किया। इसके अलावा अमीर निवेशक यानी NII ने 50.65 गुना और रिटेल निवेशकों ने 6.69 गुना सब्सक्राइब किया। यही मजबूत मांग कंपनी की शानदार लिस्टिंग की बड़ी वजह मानी जा रही है।
ग्रे मार्केट के अनुमान से बेहतर रही एंट्री
लिस्टिंग से पहले Indo-MIM का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब ₹190 चल रहा था। इसके आधार पर शेयर के करीब ₹675 पर लिस्ट होने का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन कंपनी ने इस अनुमान को भी पीछे छोड़ दिया और बीएसई पर ₹703 तथा एनएसई पर ₹700 पर कारोबार की शुरुआत की।
क्या करें निवेशक?
एनालिस्टों का मानना है कि जिन निवेशकों को IPO में शेयर मिले हैं, वे लंबी अवधि के लिए होल्ड भी कर सकते हैं। उनके मुताबिक Indo-MIM दुनिया की सबसे बड़ी Metal Injection Molding (MIM) क्षमता वाली कंपनियों में शामिल है और कई वैश्विक OEM कंपनियों की पसंदीदा सप्लायर है। दुनिया की China+1 रणनीति, भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली नीतियां और PLI जैसी योजनाएं कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को मजबूत आधार दे सकती हैं। साथ ही, वैश्विक प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कंपनी का वैल्यूएशन भी आकर्षक माना जा रहा है।
कंपनी क्या करती है?
साल 1996 में स्थापित Indo-MIM प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी है। यह Metal Injection Molding (MIM) तकनीक के जरिए ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, डिफेंस, मेडिकल और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे कई सेक्टरों के लिए हाई-प्रिसिजन कंपोनेंट्स तैयार करती है। कंपनी ने निवेश कास्टिंग, प्रिसिजन मशीनिंग, सिरेमिक इंजेक्शन मोल्डिंग और 3D मेटल प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी मजबूत की है।
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