शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग तेजी से पैसा कमाने का एक लोकप्रिय जरिया बन चुकी है, लेकिन इसके पीछे का सच काफी भयानक है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) के आंकड़ों के मुताबिक, एफ एंड ओ में ट्रेड करने वाले 90 प्रतिशत से ज्यादा रिटेल ट्रेडर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। कम पूंजी में बड़े मुनाफे के लालच में लोग अपनी गाढ़ी कमाई इस बाजार में लगा देते हैं, लेकिन सही जानकारी और रणनीति की कमी के कारण उनकी पूरी पूंजी डूब जाती है। यदि आप भी ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं या करने की सोच रहे हैं, तो उन मुख्य कारणों को समझना बेहद जरूरी है जिनकी वजह से अधिकांश लोग नुकसान उठाते हैं।
कहां गलती कर बैठते हैं ट्रेडर्स?
ट्रेडर्स की सबसे पहली और बड़ी गलती 'रिमोट रिस्क मैनेजमेंट' यानी स्टॉप लॉस (Stop Loss) का इस्तेमाल न करना है। कई लोग बिना किसी तय नुकसान की सीमा के ट्रेड में प्रवेश करते हैं। जब बाजार उनके खिलाफ जाता है, तो वे इस उम्मीद में बैठे रहते हैं कि मार्केट वापस उनके पक्ष में आएगा। लेकिन F&O में समय का प्रीमियम (Time Decay) घटने के कारण नुकसान तेजी से बढ़ता है और अंततः अकाउंट खाली हो जाता है। हमेशा ट्रेड में एंट्री करने से पहले अपना स्टॉप लॉस और टारगेट तय करना चाहिए और उसका कड़ाई से पालन करना चाहिए।
दूसरी बड़ी गलती ओवर-ट्रेडिंग (Over-Trading) और रिवेंज ट्रेडिंग है। जब किसी ट्रेडर को एक ट्रेड में नुकसान होता है, तो वह तुरंत उस नुकसान की भरपाई करने के लिए बिना किसी एनालिसिस के लगातार कई नए ट्रेड्स लेने लगता है। इसे रिवेंज ट्रेडिंग कहते हैं। यह व्यवहार पूरी तरह से भावनाओं (Fear and Greed) से संचालित होता है, जिससे ब्रोकरेज चार्ज भी बढ़ता है और नुकसान का दायरा और बड़ा हो जाता है। अनुशासन बनाए रखना और एक दिन में सीमित ट्रेड लेना ही सफलता की कुंजी है।
तीसरी गलती बिना सीखे और केवल 'टिप्स' के आधार पर ट्रेडिंग करना है। सोशल मीडिया, टेलीग्राम चैनल या दोस्तों के कहने पर बिना खुद चार्ट पैटर्न और ओपन इंटरेस्ट (OI) डेटा को समझे पैसे लगाना बर्बादी का सबसे बड़ा कारण है।
चौथी गलती यह है कि लोग अपनी क्षमता से अधिक का लॉट साइज (Position Sizing) ले लेते हैं। कम मार्जिन में ज्यादा लॉट खरीदने के चक्कर में जरा सा भी विपरीत मूवमेंट बड़ा घाटा दे जाता है।
पांचवीं और अंतिम गलती F&O को निवेश समझना है; यह केवल जोखिम भरा हेजिंग और स्पेक्युलेटिव टूल है, न कि लंबी अवधि में धन बनाने का साधन। यदि आप इन 5 गलतियों से बचकर सही रिस्क-टू-रिवॉर्ड रेश्यो अपनाएंगे, तो ट्रेडिंग में नुकसान से बच सकते हैं।
